धरवार पंचायत मामला: 46 ग्राम पंचायतों की जांच पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले- “क्या सिर्फ कागजी कार्रवाई हुई?”
रिपोर्ट : विशाल समाचार
इटावा, उत्तर प्रदेश
धरवार ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद अब 46 ग्राम पंचायतों की जांच प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने वास्तव में जांच कराई थी, तो उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
गौरतलब है कि 9 मई 2026 को प्रकाशित खबर में धरवार पंचायत में इंटरलॉकिंग सड़क, सीसी सड़क, नाली निर्माण, सफाई कार्य, गौशाला, हैंडपंप और विद्यालय में मिट्टी भराव जैसे कार्यों में लाखों रुपये खर्च दिखाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि कई कार्य मौके पर दिखाई ही नहीं देते, जबकि सरकारी अभिलेखों में भुगतान पूर्ण दर्शाया गया है।
अब इस पूरे मामले में एक नया प्रश्न खड़ा हो गया है—क्या 46 ग्राम पंचायतों की जांच वास्तव में निष्पक्ष तरीके से हुई या फिर यह केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच पारदर्शी होती तो दोषियों पर कार्रवाई भी दिखाई देती। लेकिन अब तक किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति पर स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे लोगों के बीच संदेह और गहरा होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने एडीओ पंचायत अधिकारी से सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन पंचायतों में क्या अनियमितताएं मिलीं और उन पर क्या कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत निधि का दुरुपयोग कर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट की गई। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


