
विकसित महाराष्ट्र के लक्ष्य को हासिल करने में क्षमता निर्माण रूपरेखा महत्वपूर्ण : वी. राधा
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। वी. राधा ने कहा कि विकसित महाराष्ट्र के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। इसके लिए क्षमता निर्माण रूपरेखा तैयार करना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों से कर्तव्यों के साथ नई चीजें सीखकर व्यक्तिगत प्रगति करने और इस विषय को गंभीरता से लेने का आह्वान किया।
वे यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन प्रबोधिनी में क्षमता निर्माण रूपरेखा की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कार्यशाला में डॉ. सुहास दिवसे, सचिन कलंत्रे, नीता शिंदे, कल्याणी गोखले तथा शाहूराज मोरे सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
वी. राधा ने कहा कि प्रशासन के अंतिम स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। प्रत्येक पद के लिए आवश्यक कौशल, तकनीक और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण का समयबद्ध कार्यक्रम तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यात्मक और व्यवहारिक क्षमताओं को विभिन्न चरणों में विकसित करने योग्य प्रशिक्षण रूपरेखा बनाई जाए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर क्षमता निर्माण रूपरेखा तैयार करने की दिशा में अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों के कारण महाराष्ट्र इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा। बेहतर कार्यक्षमता के माध्यम से नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने और राज्य को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में यह पहल उपयोगी साबित होगी।
इस अवसर पर डॉ. सुहास दिवसे ने भी मार्गदर्शन करते हुए कहा कि नियम आधारित प्रशासन के बजाय भूमिका आधारित प्रशासन को ध्यान में रखते हुए क्षमता निर्माण रूपरेखा तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण रूपरेखा को पदोन्नति और सेवा संबंधी विषयों से भी जोड़ा जाएगा, इसलिए इसे अत्यंत सूक्ष्मता से तैयार करना आवश्यक है।
कार्यशाला में सचिन कलंत्रे ने क्षमता निर्माण रूपरेखा तैयार करने संबंधी विस्तृत जानकारी दी और अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा तैयार रूपरेखा का प्रस्तुतीकरण भी किया।
