
सुखाड़ एवं बाढ़ जनित आपदा के संबंध में पूर्व तैयारियों की समीक्षात्मक बैठक की गई।
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
प्रभारी सचिव सीतामढ़ी -सह- सचिव उच्च शिक्षा विभाग, बिहार, पटना, श्री राजीव रौशन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में सुखाड़ एवं बाढ़ जनित आपदा के संबंध में पूर्व तैयारियों की समीक्षात्मक बैठक की गई।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन की त्वरित एवं संवेदनशील कार्यशैली ही आमजन को राहत पहुंचाने में सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं समर्पण के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यों में लापरवाही, उदासीनता अथवा शिथिलता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के क्रम में प्रभारी सचिव श्री राजीव रौशन ने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ के मद्देनजर आवश्यकता अनुसार सामुदायिक रसोई एवं आश्रय स्थलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची अभी से तैयार कर ली जाए ताकि अनुदान वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि आपदा संपूर्ति पोर्टल को अपडेट कर लें। उन्होंने लाइफ जैकेट एवं नावों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश दिए।
उनके द्वारा बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी तैयारियों का सतत अनुश्रवण किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने एवं सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने तटबंधों की सुरक्षा एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने को कहा।
साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए चिन्हित आश्रय स्थलों को पूरी तरह तैयार रखने, वहां पेयजल, शौचालय, विद्युत, चिकित्सा एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नाव, राहत सामग्री, पशु चारा, दवा एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की अग्रिम व्यवस्था रखने पर भी बल दिया गया।
प्रभारी सचिव ने संबंधित विभागों को निचले एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, आमजन को सतर्क एवं जागरूक करने तथा आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में बाढ़ से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं एवं विभागीय तैयारियों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपदा की स्थिति में किसी भी तरह के लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अतः संभावित बाढ़/सुखाड़ को देखते हुए सभी विभाग अलर्ट मोड में रहे।
बैठक में संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के मद्देनजर की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम मे 716 वैसे टोले जो छूटे हुए हैं वहां नल जल योजना को पूर्ण करने का निर्देश पीएचईडी को दिया गया । कहा कि 15 जून तक छूटे हुए टोलों में कार्य पूर्ण करें। नगर निगम एवं नगर परिषद को निर्देशित किया गया कि शुद्ध पेय जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्य करना सुनिश्चित करें। वहीं लघु जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया गया कि अकार्यरत नलकूपों को शीघ्र चालू करना सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न प्रखंडों में वाटर लेवल का नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया। साथ ही मवेशियों के लिए भी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सभी विद्यालयों ,आंगनबाड़ी केंद्रों पर ORS उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। प्रभारी सचिव द्वारा कार्यस्थल पर श्रमिकों की लू से बचाव एवं महिलाओं एवं बच्चों का हिट वेब से बचाव हेतु आवश्यक तैयारियां की समीक्षा की गई और इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि सभी प्रखंडों के अस्पतालों में कुल 17 हीटवेब वार्ड बनाया गया है जिसकी संख्या 17 हैं। जहां चिकित्सक एवं पारा मेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। इस संबंध में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।
बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी संजीव कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रंजन, डीडीसी संदीप कुमार,एडीएम आपदा प्रबंधन बृजकिशोर पांडेय,सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार ,नगर आयुक्त गजेंद्र प्रसाद सिंह ,सदर एसडीओ आनंद कुमार ,डीपीआरओ कमल सिंह सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे जबकि सभी अंचल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे।

