
मेथेनॉल कांड के बाद राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेढ़ करोड़ रुपये का अवैध शराब का माल जब्त
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: फुगेवाडी, दापोडी और हडपसर क्षेत्रों में कथित मेथेनॉल मिश्रित देशी शराब सेवन से हुई मौतों की घटना के बाद राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 29 मई से 4 जून के बीच 1 करोड़ 47 लाख 27 हजार 145 रुपये मूल्य का अवैध माल जब्त किया है। यह जानकारी राज्य उत्पादन शुल्क अधीक्षक अतुल कानडे ने दी।
राज्य उत्पादन शुल्क आयुक्त राजेश देशमुख, सह आयुक्त (प्रवर्तन एवं सतर्कता) प्रसाद सुर्वे तथा पुणे विभाग के उपायुक्त सागर धोमकर के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल 142 मामले दर्ज किए गए और 116 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई में 8,472 लीटर तैयार देशी शराब जब्त की गई, जबकि शराब निर्माण में उपयोग होने वाले 69,271 लीटर रसायन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा 11,733 लीटर अवैध एवं नकली शराब भी बरामद की गई। अवैध शराब की ढुलाई में प्रयुक्त 11 वाहनों को भी जब्त किया गया है।
अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित अवैध शराब निर्माण केंद्रों को पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शराब निर्माण के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले आपूर्तिकर्ताओं को भी मामलों में आरोपी बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग ने महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम, 1949 की धारा 93 के तहत आदतन अपराधियों से सदाचार बंधपत्र लेने के लिए 125 प्रस्ताव भी दाखिल किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
मेथेनॉल मिश्रित शराब से हुई मौतों के मामले की जांच अब सीआईडी को सौंप दी गई है। इस मामले से संबंधित राज्य उत्पादन शुल्क विभाग द्वारा दर्ज तीन मामलों की जांच सीआईडी के साथ समन्वय बनाकर की जा रही है।
जिलाधिकारी गजानन पाटील ने पुणे एवं पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम प्रशासन को विषैली शराब के दुष्परिणामों के प्रति जनजागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रचार वाहनों और ध्वनि विस्तारकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही अवैध शराब कारोबार से जुड़े स्थानों पर बने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने सभी नगर परिषदों, नगर पालिकाओं, ग्राम पंचायतों, पुलिस अधिकारियों तथा राजस्व अधिकारियों को अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर नजर रखने तथा जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। महावितरण को भी ऐसे कारोबार में प्रयुक्त वैध या अवैध बिजली कनेक्शन काटने के लिए कहा गया है।
विभाग ने मेथेनॉल की आपूर्ति और उपयोग पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। औषध प्रशासन विभाग से जिले के सभी मेथेनॉल लाइसेंसधारकों और आपूर्तिकर्ताओं की सूची प्राप्त कर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अवैध गतिविधियों के लिए मेथेनॉल की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षक अतुल कानडे ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध और संदिग्ध देशी शराब के सेवन से बचें तथा ऐसी गतिविधियों की जानकारी राज्य उत्पादन शुल्क विभाग को टोल फ्री नंबर 1800-233-9999 अथवा दूरभाष नंबर 020-26127321 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

