इटावा के पारंपरिक व्यंजनों को मिलेगी नई पहचान, उद्यमियों को मिलेगा 25% तक अनुदान
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, । उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के करकमलों से 24 जनवरी 2026 को “एक जनपद एक व्यंजन (One District One Cuisine-ODOC)” योजना का शुभारंभ किया गया था। योजना के अंतर्गत जनपद इटावा के लिए तीन पारंपरिक व्यंजनों एवं उत्पादों का चयन किया गया है, जिनमें सरसों आधारित उत्पाद, मट्ठा के आलू तथा खीरमोहन शामिल हैं।
योजना का उद्देश्य प्रत्येक जनपद के विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों को प्रोत्साहित कर उन्हें प्रदेश, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इसके तहत ऐसे उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी जो अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं। योजना में उत्पादन क्षमता बढ़ाने हेतु स्वचालित मशीनों की स्थापना, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग उपकरण, गुणवत्ता परीक्षण संसाधन, क्लाउड किचन, कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर, रीफर वैन तथा मिनी कोल्ड रूम जैसी सुविधाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जाएगा।
इसके अलावा प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए स्टॉल व्यय और आवागमन व्यय पर भी नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि 25 से 29 सितम्बर 2026 तक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन प्रस्तावित है। इस मेले में पहली बार “एक जनपद एक व्यंजन” योजना के अंतर्गत चयनित जनपदों के पारंपरिक व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके लिए इटावा के चयनित व्यंजनों का प्रतिनिधित्व करने वाले उपयुक्त फूड वेंडर्स एवं उद्यमियों की सूची शासन को भेजी जानी है।
इसी क्रम में जनपद इटावा के इच्छुक उद्यमियों, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों, ढाबा संचालकों, मिठाई निर्माताओं एवं विक्रेताओं तथा सरसों आधारित उत्पादों के निर्माण एवं विपणन से जुड़े व्यक्तियों के सुझाव प्राप्त करने हेतु एक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में व्यवसाय के संवर्धन, विपणन, ब्रांडिंग तथा योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र ने सभी संबंधित एवं इच्छुक उद्यमियों से अपील की है कि वे बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव प्रदान करें, जिससे इटावा के पारंपरिक व्यंजनों को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।



