प्रशासनमध्य प्रदेशरीवा

श्रम विभाग एवं अहिंसा वेलफेयर सोसायटी ने चलाया जागरूकता अभियान

श्रम विभाग एवं अहिंसा वेलफेयर सोसायटी ने चलाया जागरूकता अभियान

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा . विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत अहिंसा वेलफेयर सोसायटी रीवा द्वारा श्रम विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से बाल श्रम उन्मूलन एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान बच्चों को बाल मजदूरी से होने वाले दुष्प्रभावों तथा शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। यह कार्रवाई राज्य शासन द्वारा जून माह को बाल श्रम उन्मूलन के रूप में मनाए जाने संबंधी जारी अधिसूचनाओं एवं निर्देशों के अनुरूप की गई। निर्देशों के तहत बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण, बच्चों की पहचान, बचाव एवं पुनर्वास के लिए विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों को समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

अहिंसा वेलफेयर सोसायटी द्वारा जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सामुदायिक नेताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। संस्था बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए कार्यरत राष्ट्रीय नेटवर्क “जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की सहयोगी संस्था है। अभियान के दौरान चिन्हित एवं मुक्त कराए गए बच्चों की आयु 10 से 15 वर्ष के बीच पाई गई। बच्चे विभिन्न वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कई महीनों से कार्यरत थे तथा उनसे अमानवीय एवं शोषणकारी परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। साथ ही, पीड़ित बच्चों को पुनर्वास, मुआवजा, शिक्षा एवं अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है। जून माह के दौरान नागरिक समाज संगठन, श्रम विभाग एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर बाल तस्करी एवं बाल श्रम के नेटवर्क पर विशेष निगरानी तथा ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के निदेशक सुमित सिंह ने कहा कि शोषण और बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए प्रत्येक बच्चे के शिक्षा, सुरक्षा एवं गरिमा के अधिकार की पुनर्स्थापना हुई है। बाल श्रम बच्चों से उनका बचपन, शिक्षा और बेहतर भविष्य छीन लेता है। हमारी संस्था जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर बाल तस्करी की रोकथाम, बच्चों के बचाव, पुनर्वास एवं अधिकारों की सुनिश्चितता के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button