
भीमाशंकर तीर्थक्षेत्र का होगा कायाकल्प, अगले वर्ष कुंभ मेले से पहले 90 प्रतिशत कार्य पूरा होगा : मुख्यमंत्री फडणवीस
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को श्रीक्षेत्र भीमाशंकर में मुख्य मंदिर के समक्ष नवनिर्मित सभामंडप के चावी पत्थर (शिलाखंड) की विधिवत पूजा-अर्चना तथा ब्रह्मध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर विकास एवं ‘हेरिटेज वाड़ी’ परियोजना के कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कार्यों की गति और गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगले वर्ष कुंभ मेले के प्रारंभ होने से पूर्व परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक दिलीप वळसे-पाटिल, बाबाजी काले, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कम समय में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और इसके समग्र विकास के लिए चल रही परियोजनाओं के अंतर्गत मूल मंदिर के सभामंडप का निर्माण, जीर्णोद्धार तथा परिसर विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद भीमाशंकर तीर्थक्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वीकृत विकास योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है तथा इसमें स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के सहयोग के लिए उनका विशेष आभार भी व्यक्त किया।
‘हेरिटेज वाड़ी’ परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 150 परिवारों को नए स्थान पर पुनर्वासित किया जा रहा है। उनके लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नया गांव विकसित किया जा रहा है। यह केवल पुनर्वास परियोजना नहीं होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करेगी और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए आने-जाने के अलग-अलग मार्ग विकसित किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में जाम की समस्या नहीं होगी। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विद्युत चालित वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा दुकानों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का भी सुव्यवस्थित विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों दोनों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद भीमाशंकर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या वर्तमान की तुलना में पांच से दस गुना तक बढ़ सकती है। उन्होंने परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



