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टाटा म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया मल्टी-सेक्टर पैसिव एफओएफ; निवेशकों को मिलेंगे बाज़ार में अलग-अलग उद्योगों में तरक्की से पैदा होने वाले नए अवसरों के लाभ

टाटा म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया मल्टी-सेक्टर पैसिव एफओएफ; निवेशकों को मिलेंगे बाज़ार में अलग-अलग उद्योगों में तरक्की से पैदा होने वाले नए अवसरों के लाभ

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:मुंबई महाराष्ट्र

मुंबई, : टाटा एसेट मैनेजमेंट ने आज ‘टाटा मल्टी-सेक्टर पैसिव एफओएफ’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड ‘फंड ऑफ फंड’ स्कीम है, जो अलग-अलग उद्योगों के पैसिव इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स में निवेश करती है। इस स्कीम का उद्देश्य पैसिव सेक्टोरल फंड्स और ईटीएफ में समझदारी से बदलाव करके लंबे समय में निवेशकों के पैसे को बढ़ाना है।

न्यू फंड ऑफर निवेश के लिए 22 जून, 2026 को खुलेगा और 6 जुलाई, 2026 को बंद होगा।

शेयर बाज़ारों ने यह दिखाया है कि बाज़ार में हमेशा एक ही उद्योग नंबर वन नहीं रहता, बल्कि यह लगातार बदलता रहता है और इस पर देश व दुनिया के आर्थिक बदलावों का सीधा असर पड़ता है। अलग-अलग समय पर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, पीएसयू बैंक, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल्टी, मैन्युफैक्चरिंग और कंज़म्पशन जैसे उद्योग मार्केट लीडर बनकर उभरे हैं। बाज़ार में सही समय पर इन बदलावों को पहचानना निवेशकों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है।

टाटा मल्टी-सेक्टर पैसिव एफओएफ का उद्देश्य निवेशकों की इसी चुनौती को हल करना है। इसके लिए फंड मैनेजर अपने मूल्यांकन के आधार पर अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। इसमें ‘मोमेंटम-आधारित एलोकेशन फ्रेमवर्क’ जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके ज़रिए यह स्कीम अलग-अलग सेक्टर इंडेक्स फंड्स और ईटीएफ में निवेश करती है। यह रणनीति सेक्टर्स के हालिया प्रदर्शन की जांच करती है। साथ ही, यह बाज़ार के उतार-चढ़ाव के हिसाब से रिटर्न को एडजस्ट भी करती है। इसका उद्देश्य उन सेक्टर्स को प्राथमिकता देना है जो मज़बूत और स्थिर ट्रेंड दिखा रहे हैं। हालाँकि, किसी सेक्टर की पुरानी तेज़ी भविष्य के अच्छे प्रदर्शन की गारंटी नहीं होती है। पोर्टफोलियो में किस सेक्टर को कितना हिस्सा मिलेगा, यह कुछ खास बातों पर निर्भर करता है। इसमें सेक्टर का भविष्य, उसकी तेज़ी के लक्षण और देश-दुनिया के बड़े आर्थिक हालात शामिल हैं। जिन सेक्टर्स में सबसे ज़्यादा मज़बूती और तेज़ी दिखती है, उन्हें पोर्टफोलियो में ज़्यादा हिस्सा दिया जाता है।

इस लॉन्च के मौके पर टाटा एसेट मैनेजमेंट के चीफ बिज़नेस ऑफिसर आनंद वरदराजन ने कहा: “अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश करना संपत्ति बनाने का एक बहुत शक्तिशाली ज़रिया है। लेकिन इसमें सही समय पर सही सेक्टर चुनना बेहद मुश्किल होता है। भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले सेक्टर्स समय के साथ बदलते रहते हैं। इन चक्रों के पीछे भागने की कोशिश में अक्सर निवेशक भावनाओं में बहकर गलत फैसले ले लेते हैं। साथ ही, बार-बार बदलने से टैक्स का बोझ भी बढ़ जाता है। टाटा मल्टी-सेक्टर पैसिव एफओएफ निवेशकों को एक अनुशासित और नियमों पर आधारित सिस्टम देता है। यह सिस्टम अंदाज़े से काम करने की आदत को खत्म करता है। यह कम लागत वाले पैसिव टूल्स के ज़रिए अपने आप सबसे मज़बूत सेक्टर्स की तरफ बढ़ जाता है। इसके साथ ही, अचानक होने वाले बड़े बदलावों या इवेंट्स का फायदा उठाने के लिए इसमें फंड मैनेजर की सूझबूझ का इस्तेमाल भी शामिल है। अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश, समय पर पोर्टफोलियो को बैलेंस करने और हमारी इन्वेस्टमेंट टीम की पैनी नज़र के साथ, इस स्कीम का उद्देश्य निवेशकों को बदलते मार्केट ट्रेंड्स से बेहतरीन मुनाफा दिलाना है।”

यह फंड अपने ‘फंड ऑफ फंड’ स्ट्रक्चर और कम लागत वाले पैसिव मॉडल को एक

 

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