इटावाउत्तर प्रदेशप्रशासन

चल अपने देश’ उपन्यास पर हुआ विमर्श, पर्यावरण व पलायन पर जताई चिंता

चल अपने देश’ उपन्यास पर हुआ विमर्श, पर्यावरण व पलायन पर जताई चिंता

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश

इटावा,  सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में बुधवार को सदर विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया और रक्षा मंत्रालय के निदेशक एवं प्रख्यात लेखक अभिषेक चौहान ‘अन्वेषी’ ने उपन्यास ‘उड़ चल अपने देश : परिवर्तन की आहट’ पर आयोजित विवेचन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने सहभागिता की।

लेखक अभिषेक चौहान ने कहा कि उपन्यास भविष्य में होने वाले सामाजिक, पर्यावरणीय और मानवीय परिवर्तनों की कल्पना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रत्येक नागरिक को संवेदनशील बनना होगा, तभी वास्तविक बदलाव संभव है।

उन्होंने पलायन की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि रोजगार की तलाश में अपने मूल स्थान से दूर जाने वाले युवाओं को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। युवाओं को अपने क्षेत्र और समाज के विकास में भी योगदान देना चाहिए।

सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि व्यक्ति जीवन में कहीं भी रहे, लेकिन अपनी जड़ों और गांव से उसका भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है। उन्होंने साहित्य, पत्रकारिता और लेखन को समाज निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि ऐसी पुस्तकें समाज में सकारात्मक चेतना और जागरूकता पैदा करती हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उपन्यास की सराहना करते हुए इसे समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला महत्वपूर्ण साहित्यिक प्रयास बताया। इस अवसर पर राजवीर तोमर, दीपक दायपुरिया, विनोद पाराशर, ब्रजेंद्र और सचिन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button