
स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति में लाएं तेजी, हाई रिस्क गर्भवतियों की निगरानी में न हो लापरवाही: डीएम
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, । जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान, ई-संजीवनी, एनसीडी स्क्रीनिंग समेत विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध पहचान, नियमित निगरानी एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मातृ मृत्यु से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी।
एचएमआईएस एवं वीएचएसएनडी की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने, आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समन्वय को मजबूत करने तथा जहां एएनएम की कमी है वहां रोस्टर के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को प्राथमिकता देते हुए 55 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित जांच कराने, मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग के मरीजों को निरंतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। वहीं टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अगले 10 दिनों का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पल्स पोलियो अभियान में छूटे बच्चों का घर-घर जाकर टीकाकरण करने तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
एचपीवी टीकाकरण को लेकर जिलाधिकारी ने विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित कर प्रभावी काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक छात्राओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता, बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, समस्त एमओआईसी एवं स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



