
मतदान स्थलों का भौतिक सत्यापन पारदर्शिता से करें, मतदाता सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: डीएम
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, । जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में मतदान स्थलों के भौतिक सत्यापन एवं युक्तिकरण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप मतदान स्थलों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर दो या अधिक मतदान स्थल संचालित हैं, वहां प्रति मतदान स्थल लगभग 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर पुनर्समायोजन की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए। वहीं 300 से कम मतदाताओं वाले मतदान स्थलों का दोबारा भौतिक सत्यापन कर आवश्यकतानुसार उन्हें निकटवर्ती मतदान स्थलों के साथ समायोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों में संचालित मतदान स्थलों को सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि कोई भी प्रस्तावित मतदान स्थल किसी राजनीतिक दल या श्रमिक संगठन के कार्यालय से 200 मीटर की परिधि के भीतर नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने नई विकसित आवासीय कॉलोनियों में मतदाताओं की संख्या के अनुसार नए मतदान स्थल प्रस्तावित करने तथा मुख्य आबादी से अधिक दूरी पर स्थित बूथों को अधिक सुविधाजनक स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार के सभी मतदाताओं का नाम यथासंभव एक ही मतदान केंद्र पर रखा जाए, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में सभी विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त आपत्तियों के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं मतदाता अनुकूल बनाने तथा व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिपिन कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



