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एसएसपी इटावा के निर्देशन में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित

एसएसपी इटावा के निर्देशन में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित

 

बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी एवं पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में आज दिनांक 10.07.2026 को रिजर्व पुलिस लाइन, इटावा स्थित सभागार कक्ष में महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।

 

बैठक का संचालन पुलिस उपाधीक्षक अपराध के कुशल नेतृत्व में किया गया, जिसमें प्रभारी निरीक्षक एएचटी एवं प्रभारी निरीक्षक एसजेपीयू सहित जनपद के समस्त थानों पर नियुक्त पुलिस बाल कल्याण अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में बाल कल्याण समिति, इटावा, महिला कल्याण विभाग, संरक्षण अधिकारी, इटावा, महिला थाना एवं एसजेपीयू के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

बैठक के दौरान महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। इस दौरान *बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, गुमशुदा बालक/बालिका (धारा 137(2) बीएनएस) के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई, पॉक्सो अधिनियम-2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण नियमावली-2020* के अंतर्गत सहायक व्यक्तियों से संबंधित शासनादेशों एवं दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान की गई।

बैठक में बाल कल्याण समिति, इटावा द्वारा सभी पुलिस बाल कल्याण अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि धारा 137(2) बीएनएस एवं पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बालक/बालिका से संबंधित मामलों में निर्धारित प्रारूप (क) एवं (ख) का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बालक-बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की प्रभावी रोकथाम, पीड़ितों के अधिकारों के संरक्षण तथा विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

 

इटावा पुलिस महिला एवं बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों के संरक्षण तथा उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा ऐसे मामलों में त्वरित, संवेदनशील एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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