
बार्टी की संविधान दिंडी का उत्साहपूर्वक शुभारंभ, संविधान जागरूकता का अनूठा अभियान शुरू
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी) की ओर से आयोजित संविधान दिंडी का शुभारंभ संस्थान की निबंधक डॉ. सुचिता शिंदे के हाथों उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर विस्तार एवं सेवा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बबन जोगदंड, विभाग प्रमुख रवींद्र कदम, विभाग प्रमुख शुभांगी पाटील कदम, पुणे समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विशाल लोंढे सहित बार्टी के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में संविधान प्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।
संविधान दिंडी का शुभारंभ पुणे के नाना पेठ क्षेत्र से किया गया। भारतीय संविधान के मूल्यों—समता, बंधुता, स्वतंत्रता और न्याय—का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा संविधान के प्रति जनजागृति बढ़ाने के उद्देश्य से इस विशेष अभियान का आयोजन किया गया है।
दिंडी के दौरान नागरिकों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पथनाट्य, भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन, संविधान की प्रस्तावना की निःशुल्क प्रतियों का वितरण तथा “चलता-फिरता संविधान” जैसे विभिन्न जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बार्टी पिछले पाँच वर्षों से नियमित रूप से संविधान दिंडी का आयोजन कर रही है। यह दिंडी देहू और आळंदी से पंढरपुर तक की यात्रा करती है। इस वर्ष भी विशेष रूप से सुसज्जित रथ में भारतीय संविधान की प्रस्तावना, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, महात्मा ज्योतिराव फुले, छत्रपति शिवाजी महाराज सहित विभिन्न संतों एवं महापुरुषों के विचारों तथा संविधान के मूलभूत सिद्धांतों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान अपने प्रास्ताविक संबोधन में डॉ. बबन जोगदंड ने कहा कि संविधान का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना, संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को अधिक सुदृढ़ करना ही इस संविधान दिंडी का प्रमुख उद्देश्य है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए निबंधक डॉ. सुचिता शिंदे ने कहा कि संविधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने और लोगों के मन में उन्हें स्थापित करने के लिए यह दिंडी अत्यंत प्रेरणादायी सिद्ध होगी।
बार्टी की महासंचालक दीपा मुधोळ-मुंडे के मार्गदर्शन में यह संविधान दिंडी संविधानिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करते हुए पंढरपुर पहुँचेगी। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर में इस दिंडी का समापन होगा, जहाँ प्रबोधनात्मक कार्यक्रमों के साथ इसका समारोप किया जाएगा।
पुणे में आयोजित उद्घाटन समारोह के पश्चात शाहीर आनंद कीर्तने एवं उनके दल द्वारा भक्तिमय तथा संविधान आधारित गीतों की प्रस्तुति दी गई। बार्टी के समतादूत विभाग की इस दिंडी में विशेष भूमिका रहेगी। समतादूतों के माध्यम से यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर वारकरियों को भारतीय संविधान की प्रस्तावना की प्रतियाँ वितरित की जाएंगी।
संविधान दिंडी को सफल बनाने के लिए समतादूत परियोजना अधिकारी शीतल बंडगर सहित कीर्ति आखाडे, तेजस्विनी कांबळे, उषा कांबळे, संगीता शहाडे, प्रशांत कुलकर्णी, अनीता दहीकांबळे, भारती अवघडे तथा शशिकांत जाधव ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके अलावा बार्टी के अधिकारी एवं कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे।



