
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में सख्त हुए डीएम, लापरवाही पर वेतन कटौती व स्पष्टीकरण के निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
सीतामढ़ी। समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सहित सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक एवं यक्ष्मा कर्मी उपस्थित रहे, जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
बैठक में 2 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक संचालित अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य 6,36,165 प्रिजम्प्टिव इनरोलमेंट समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की समीक्षा सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तथा प्रत्येक सप्ताह बिहार सरकार के मुख्य सचिव द्वारा की जाती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अनुपस्थित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगने तथा एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं गलत जानकारी देकर वरीय अधिकारियों को भ्रमित करने पर जिला यक्ष्मा कार्यालय के जिला योजना समन्वयक रंजय कुमार को कड़ी फटकार लगाई गई।
सिविल सर्जन ने बताया कि बथनाहा और नानपुर को छोड़कर सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे मशीन उपलब्ध है। सभी संस्थानों में प्रतिदिन कम से कम 30 चेस्ट एक्स-रे कर उसी दिन निक्षय पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टीबी के निदान के लिए केवल चेस्ट एक्स-रे एवं नाट (NAAT) जांच का उपयोग किया जाए। माइक्रोस्कोपी जांच केवल फॉलोअप के लिए होगी। उन्होंने उपचार शुरू होने के साथ ही मरीज का नोटिफिकेशन, डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, बैंक विवरण तथा परिजनों के टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट की जानकारी उसी दिन निक्षय पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी प्रखंडों को 14 अगस्त 2026 तक अभियान के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर जिला एवं राज्य स्तर पर उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन अभियान की समीक्षा एवं डाटा संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।



