
रीवा संभाग को इंडस्ट्री के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा – कमिश्नर शीलेंद्र सिंह
रीवा संभाग में सभी निवेशकों को सहयोग के साथ सकारात्मक माहौल मिलेगा
कमिश्नर ने उद्योगपतियों एवं निवेशकों से वन टू वन चर्चा की
निवेशकों एवं उद्योगपतियों की समस्याओं से हुए रूबरू
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . रीवा संभाग के सभी जिलों को उदयोग के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए सभी उद्योगपति एवं निवेशकों को एक सकारात्मक माहौल प्रदान करते हुए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। उद्योगपतियों की समस्याओं एवं कठिनाइयों का भी निराकरण प्राथमिकता से किया जाएगा। उद्योगों की स्थापना से लोगों के जीवन स्तर में व्यापक रूप से सुधार होगा और स्थानीय युवा जो रोजगार के लिए अन्यत्र पलायन करते हैं उनका पलायन भी रुक जाएगा और उन्हें स्थानीय उद्योगों में ही रोजगार की प्राप्ति होगी। उक्त बात रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने शुक्रवार को एमपीआईडीसी (औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग) की बैठक में कही। कमिश्नर ने रीवा संभाग के सभी जिलों से आए उद्योगपतियों एवं निवेशकों से वन टू वन चर्चा की एवं उनकी समस्याओं एवं कठिनाइयों को जाना। कमिश्नर ने कहा कि निवेशकों एवं उद्योगपतियों की बिजली, पानी, भूमि एवं अन्य समस्याओं का सकारात्मक निराकरण किया जाएगा। कमिश्नर ने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वह सभी बताएं कि उन्हें अपने उद्योग में किस प्रकार के स्किल की आवश्यकता है। उसी स्किल के अनुसार स्थानीय युवाओं को आईटीआई में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार का सृजन किया जा सके। कमिश्नर ने सभी निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सभी निवेशकों को संबंधित विभाग से पूरा सहयोग या विभिन्न अनुमतियां भी समय सीमा में दिलाई जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि जिला प्रशासन निवेशकों की मदद के लिए हमेशा तत्पर है! सभी निवेशकों को एक सकारात्मक वातावरण दिया जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि सभी उद्योगपति एवं निवेशकों की रीवा संभाग में जरूरत है। सभी निवेशक प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। रीवा संभाग में भी औद्योगिक विकास के लिए अपार संभावना है। अतः निवेशक अपने औद्योगिक क्षेत्र का और अधिक विस्तार कर स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन करें।
औदयोगिक परिदृश्य एक नजर में – एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक यूके तिवारी ने बताया कि एमपीआईडीसी लिमिटेड क्षेत्रीय कार्यालय रीवा के अंतर्गत 44 बृहद औद्योगिक इकाइयां स्थापित है जिनमें 41981.87 करोड रुपए का पूंजी निवेश किया गया है एवं 33203 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। एमपीआईडीसी क्षेत्र अंतर्गत स्थापित औद्योगिक क्षेत्र में सूक्ष्म लघु एवं मध्य मध्य की 276 इकाइयां स्थापित है। जिनके द्वारा 628.8 9 करोड़ का पूंजी निवेश एवं 4069 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। रीवा संभाग के अंतर्गत के विहार रीवा औद्योगिक क्षेत्र गुढ बाबूपुर मैहर सिंगरौली बैढन मैं निवेशकों के लिए भूमि आवंटन हेतु उपलब्ध है। बताया गया कि आईटी पार्क रीवा में लगभग 2 हजार करोड़ का पूंजी निवेश संभावित है। औद्योगिक क्षेत्र बगहा, शिवसागर, हिरौंदी एवं नयागांव में आगामी 2 वर्ष में लगभग 10 हजार करोड़ का पूंजी निवेश संभावित है। मैहर, मऊगंज, सीधी में 3-3 हजार करोड़, सिंगरौली में 22 हजार करोड़ का पूंजी निवेश संभावित है। मेसर्स रॉक स्टोन डेवलपर्स द्वारा स्पंज आयरन के लिए 5180 करोड़ का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। मेसर्स अडानी ग्रुप द्वारा प्रथम चरण में पावर प्लांट प्रस्तावित किया गया है, जिसमें 28 हजार करोड़ का पूंजी निवेश किया जाना है एवं ढाई हजार व्यक्तियों का रोजगार देना प्रस्तावित है।
कमिश्नर को उद्योगपति एवं निवेशकों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया – वन टू वन चर्चा के दौरान रीवा संभाग के सिंगरौली, सतना, रीवा, मैहर से आए उद्योगपति एवं निवेशकों ने उद्योग संचालक में हो रही समस्याओं एवं कठिनाइयों से कमिश्नर को अवगत कराया एवं आवश्यक सहयोग की अपेक्षा की। राइस मिलर्स ने बताया कि लगातार बिजली सप्लाई नहीं मिलती है, बीच-बीच में ट्रिपिंग होती है जिससे कारखाने में रखा माल खराब होता है। उन्होंने लगातार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने एमपी आईडीसी का कार्यालय सतना में स्थापित करने एवं सतना में इंडस्ट्री कान्क्लेव आयोजित करने की मांग की, साथ ही कहा कि लगातार विद्युत ट्रिपिंग से उद्योग धंधे बंद होने के कगार पर आ गए हैं। एनटीपीसी विंध्याचल के निवेशकों ने बताया कि सिंगरौली में रोड कनेक्टिविटी अत्यंत खराब होने के चलते उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। वहीं कुछ निवेशकों ने बताया कि प्रातः 8 बजे से शाम तक फैक्ट्री चालू रहती है और उसके बाद फैक्ट्री बंद रहती है लेकिन विद्युत बिल पूरे समय का आता है। कुछ निवेशकों ने ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की साथ ही एक निवेशक ने गुढ में स्थापित इंडस्ट्री के लिए प्रतिदिन 5 हजार लीटर पानी की मांग की। एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने आश्वासन दिया कि जनवरी माह से कैनाल से नियमित रूप से पानी की सप्लाई चालू कर दी जाएगी। कुछ निवेशकों ने बताया कि उन्हें शासन से उद्योग की स्थापना के लिए भूमि का आवंटन प्राप्त हो चुका है लेकिन आवंटित भूमि पर अतिक्रमण है। कमिश्नर ने सभी निवेशकों को भरोसा दिलाया कि इस हफ्ते सभी आवंटित भूमि पर व्याप्त सभी अतिक्रमण प्राथमिकता से हटा दिए जाएंगे। टिंबर मर्चेंट एसोसिएशन ने सतना में आरा मिल के लिए शहर से बाहर जमीन का आवंटन उपलब्ध कराने की मांग की। कुछ निवेशकों ने खनिज विभाग व वन विभाग से एनओसी दिलाने की अपेक्षा की।
कमिश्नर ने सभी की समस्याओं एवं कठिनाइयों को धैर्यपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि आगामी बैठक से पूर्व सभी निवेशकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए की जिन निवेशकों को निवेश के लिए भूमि का आवंटन किया गया है यदि वे उसका उपयोग नहीं कर रहे हैं तो आवंटित भूमि निरस्त कर उ्दयोग लगाने के इच्छुक निवेशकों को दे दी जाएगी। बैठक में एनटीपीसी विंध्याचल, हिंडालको, राइस मिलर्स, दाल मिलर्स, मैहर सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड, लघु उद्योग संघ, डालमिया सीमेंट, एमएसएमई, चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स के पदाधिकारी, अदानी ग्रुप से आए प्रतिनिधि, संयुक्त आयुक्त (विकास) वीरेंद्र पटेल, एमपीआईडीसी के अधिकारी, एसई विद्युत विभाग, मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग उपस्थित रहे।


