भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 बी०एन० एस०एस० के अन्तर्गत निषेधाज्ञा जनपद में लागू।
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:औरैया, उत्तर प्रदेश
औरैया: गुरुवार दिनांक 30.07 2026 से श्रावण मास प्रारम्भ हो रहा है. जो दिनांक 28.8.2026 तक रहेगा। इस अवधि में
श्रावण शिवरात्रि, नागपंचमी व रक्षाबन्धन का पर्व मनाया जायेगा। दिनांक 04-08-2026 को चेहल्लुम, दिनाक, 26-08- 2026 ईद-ए-मिलाद (बारावफात) भी मनाया जायेगा। उक्त के दृष्टिगत जनपद में लोक व्यवस्था, कानून एवं शाति व्यवस्था बनाये रखना अति आवश्यक है।
अतः जिला मजिस्ट्रेट बृजेश कुमार के निर्देशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 वी०एन०एस०एस० के अन्तर्गत उपरोक्त समस्त सम्भावनाओं को जनहित में रोकने एवं जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को बनाये रखने हेतु निम्नलिखित निषेधाज्ञा पारित तत्काल प्रभाव से लागू ।
जनपद में कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ सम्मिलित नहीं होगा, जिसका उद्देश्य किसी विधि विरुद्ध गतिविधि में भाग लेना हो।
जनपद में कोई भी व्यक्ति जुलूस अथवा आम सभा किसी भी सार्वजनिक स्थल पर उप जिला मजिस्ट्रेट औरैया / विधूना / अजीतमल की अनुमति के बिना आयोजित नहीं करेगा, परन्तु इस प्रतिबन्ध से शव यात्राएं मुक्त रहेगी।
जनपद में कोई भी व्यक्त्ति रेल अथवा सड़क यातायात के संचालन में बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। जनपद में कोई भी व्यक्ति / संस्था / संगठन द्वारा किसी कार्यक्रम / माध्यम से साम्पप्रदायिक सद्भाव व सामाजिक सौमनस्य को बिगाड़ने का प्रयास नही किया जायेगा। जनपद में कोई ड्रोन कैमरा का प्रयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना नही करेगा, किन्तु सुरक्षा एजेन्सियां इससे मुक्त रहेगी। कोई भी व्यक्ति परीक्षा परिसर / मा० न्यायालय परिसर के 200 मीटर परिधि में ध्वनि विस्तारण यन्त्रों का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा। कोई भी नई परम्परा अथवा जुलूस आदि के नये रास्ते कदापि न अपनाये जाये और न ही जुलूस / कार्यक्रम के दौरान लोक व्यवस्था के प्रतिकूल आपत्तिजनक एव अवैधानिक गतिविधियों की जाये। कोई भी व्यक्ति / संगठन / समूह / सम्प्रदाय / दल / सोशल मीडिया साइट्स जैसे व्हाटसएप, फेसबुक, मैसेन्जर, इन्स्टाग्राम, टेलीग्राम, आदि या अन्य किसी माध्यम से किसी भी धर्म / पक्ष / सम्प्रदाय, आदि के किसी भी महापुरूष, देवी- देवता आदि प्रत्यक्ष या परोक्ष, किसी भी रूप से अनादर करने का प्रयास नही करेगा और न ही सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की अफवाह उड़ायेगा।
कोई भी व्यक्ति सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त किये किसी भी देवी देवताओं अथवा किसी भी महापुरूष की मूर्ति की स्थापना नही करेगा।
कोई भी व्यक्त्ति / संगठन द्वारा ऐसा कोई कार्यक्रम सार्वजनिक / निजी स्थल पर आयोजित नहीं किया जायेगा, जिससे किसी जाति/पंथ/संगठन / धर्म के अनुयायियों / व्यक्तियों की भावनाओं को आघात पहुँचें और साम्प्रदायिक / धार्मिक उन्माद की स्थिति उत्पन्न हो। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के प्रचार आदि के लिये अपने साथ-साथ किसी अन्य व्यक्ति की भूमि, भवन आदि का किसी भी रूप में प्रयोग बिना पूर्व अनुमति के नही करेगा। कोई भी व्यक्ति, भवन स्वामी की अनुनति के बिना उसके भवन, दीवार अथवा अन्य स्थान पर पोस्टर हैण्डविल नही चिपकायेगा और न ही होर्डिंग व कट आउट लगायेगा और न ही विना भवन स्वामी की अनुमति के दीवारों पर प्रचार लेख करायेगा एवं भवन स्वामी के अनुमति के उपरान्त सक्षम् प्राधिकारी को सूचित करेगा तथा उनसे भी अनुमति लेगा।कोई भी व्यक्ति सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बगैर लाउडस्पीकर व ध्वनि निस्तारक यंत्र का प्रयोग नही करेगा। प्रायः देखा गया है कि छोटी-छोटी घटनाओं को तूल देकर एवं साम्प्रदायिक उन्माद भड़का कर शान्ति व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया जाता है, इसलिए यह आवश्यक है कि छोटी से छोटी घटनाओं पर भी कड़ी दृष्टि रखी जाये तथा सभी समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराया जाए।
कोई भी व्यक्ति शिवमंदिर या अन्य किसी धार्मिक स्थल पर शस्त्र लेकर प्रवेश नहीं करेगा।
कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेस तेजाब व अन्य कोई पदार्थ जो विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आता है एकत्रित नहीं करेगा।
कोई भी व्यक्ति कंकड, पत्थर, खाली बोतलो, शीशे के टुकडे आदि ऐसी सामग्री का संग्रह. जिसका प्रयोग लोक व्यवस्था, कानून व्यवस्था आदि पर कही नही करेगा और न ही रखेगा। यह निषेधाज्ञा जनपद के सम्पूर्ण क्षेत्र में दिनांक 28.07.2026 से दिनांक 31.08. 2026 तक के लिए लागू रहेगी।
यह आदेश किसी भी समय संशोधित / परिवर्तित / निरस्त किया जा सकता है।
इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति, भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अन्तर्गत दण्ड पाने का भागी होगा।