
पुणे में पैनल मध्यस्थों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, 1 अगस्त। महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय मुंबई एवं मुख्य मध्यस्थता केंद्र, उच्च न्यायालय मुंबई के संयुक्त तत्वावधान तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुणे के समन्वय से पैनल पर कार्यरत मध्यस्थों के लिए दो दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 24 एवं 25 जुलाई को पुणे के होटल अरोरा टावर्स में किया गया। प्रशिक्षण में पुणे जिले के 275 पैनल मध्यस्थों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुणे के अध्यक्ष ए. टी. वानखेड़े ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं मुख्य मध्यस्थता केंद्र के निदेशक/समन्वयक एस. सलमान आज़मी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य मध्यस्थता केंद्र के उपनिदेशक प्रवीण ए. कुंभोजकर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेवती आर. देशपांडे भी मौजूद थीं।
प्रशिक्षण के दौरान मध्यस्थता अधिनियम-2023, प्रभावी संवाद, ऑनलाइन विवाद निवारण (ODR), मानसिक स्वास्थ्य एवं मध्यस्थता, परामर्श, मध्यस्थ की भूमिका, विवादों की समझ तथा मध्यस्थता की अवधारणा जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत मार्गदर्शन दिया। वक्ताओं ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को मजबूत बनाने में प्रशिक्षित मध्यस्थों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दूसरे दिन प्रतिभागी मध्यस्थों के लिए प्रश्नोत्तर एवं शंका समाधान सत्र आयोजित किया गया। इसमें मध्यस्थों ने अपने कार्यानुभव, व्यावहारिक चुनौतियों तथा प्रक्रिया संबंधी प्रश्न रखे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान करते हुए प्रभावी मध्यस्थता के लिए आवश्यक कौशल पर विशेष जोर दिया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस पहल से मध्यस्थों के व्यावसायिक कौशल, संवाद क्षमता तथा मध्यस्थता प्रक्रिया की गुणवत्ता में वृद्धि होने के साथ न्याय व्यवस्था की वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।



