
पात्र लाभार्थियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी लाभ दिलाना सुनिश्चित करें
जन कल्याणकारी योजनाओं की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा —जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जनपद में संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य समाज के पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे। योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा पात्रता के आधार पर लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, सामान्य वर्ग शादी अनुदान, मुख्यमंत्री बाल योजना, पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि लंबित आवेदन पत्रों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से आवेदन लंबित न रखा जाए।
बैठक में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि शासनादेश के अनुसार 15 मोटरराइडर/मोटराइज्ड साइकिलों का वितरण पात्र लाभार्थियों को किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों की पात्रता का निर्धारण शासनादेश में निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए तथा किसी भी दशा में मानक से बाहर लाभ न दिया जाए। साथ ही बालिकाओं के लिए ई-ट्राइसाइकिल वितरण की व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए पात्र दिव्यांग बालिकाओं को ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदन पत्रों की जांच शासनादेश के प्रावधानों के अनुरूप कर पात्रता सुनिश्चित करने के उपरांत ही लाभ प्रदान किया जाए।
जिलाधिकारी महोदय ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों द्वारा योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया में भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें तथा जिन योजनाओं में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम है, उनमें विशेष अभियान चलाकर प्रगति बढ़ाई जाए। जनपद में संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना की जानकारी के अभाव में लाभ से वंचित न होना पड़े।
बैठक में अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों की योजनाओं की प्रगति, स्वीकृत लाभार्थियों, लंबित आवेदन पत्रों तथा अब तक किए गए भुगतान की स्थिति से जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी महोदय ने प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी सार्थक होगा, जब उसका वास्तविक लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, आई0ए0एस कोमल पुनिया, समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

