
सावन माह में हजारी महादेव मंदिर पहुंचे जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा -सावन माह के मद्देनजर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या एवं मंदिर परिसर में सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने सरसईनावर स्थित प्रसिद्ध हजारी महादेव मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
जिलाधिकारी महोदय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल तथा भीड़ नियंत्रण से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सावन माह में मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दर्शन एवं पूजा की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जाए।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाए रखने, पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने, श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से भी संवाद कर व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सावन माह के दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रशासन एवं पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी तथा मंदिर प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।



