
महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, किसानों को विभिन्न रियायतें
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार बोलीं—किसानों को किसी भी परिस्थिति में बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा
मुंबई, 26 सितंबर। खरीफ 2026 के दौरान कम बारिश और अन्य सूखा संबंधी मानकों के आधार पर महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित कर विभिन्न राहत उपाय और रियायतें लागू करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। इन तालुकों में ट्रिगर-1 (प्रथम संकेत) लागू होने के बाद राहत एवं पुनर्वास विभाग की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। इसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने दी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सूखा प्रभावित किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को सरकार बेसहारा नहीं छोड़ेगी। कठिन परिस्थितियों में सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। खरीफ सीजन की स्थिति को देखते हुए 265 तालुकों में सूखा राहत उपाय लागू करने का निर्णय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए राहत देने वाला है।
दुष्काल व्यवस्थापन संहिता-2016 के तहत किए गए आकलन के आधार पर कृषि आयुक्त की रिपोर्ट में 265 तालुकों में ट्रिगर-1 लागू होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल पंचनामा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वेक्षित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति दर्शाने वाले फोटो और जीपीएस कोऑर्डिनेट एकत्र कर फसल स्थिति की रिपोर्ट कृषि आयुक्त के माध्यम से सरकार को भेजी जाएगी।
किसानों को मिलेंगी ये राहतें
सूखा प्रभावित तालुकों में भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन, कृषि संबंधी कर्ज की वसूली पर स्थगन, कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में रियायत तथा स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट जैसी सुविधाएं लागू की गई हैं।
इसके अलावा रोजगार गारंटी योजना के तहत काम शुरू करने के मानदंडों में ढील देकर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने, आवश्यकता के अनुसार टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने, जलसंकट घोषित गांवों में कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटने, किसानों एवं खेत मजदूरों के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पशुओं के लिए आवश्यक चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल संरक्षण के कार्य शुरू करने के साथ-साथ पेयजल और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था का भी नियोजन किया जाएगा। सूखा प्रभावित किसानों की फसल क्षति के संबंध में आर्थिक सहायता निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग शासनादेश के माध्यम से घोषित की जाएगी।
इन जिलों के 265 तालुकों को लाभ
इस निर्णय का लाभ बीड, लातूर, धाराशिव, नांदेड, परभणी, हिंगोली, बुलढाणा, अमरावती, अकोला, वाशिम, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भंडारा, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नाशिक, धुले, जलगांव, नंदुरबार, अहिल्यानगर, पुणे, सोलापुर, सांगली, सातारा, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के कुल 265 तालुकों को मिलेगा।
सरकार का कहना है कि सूखे की स्थिति में किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराने के लिए पंचनामे, फसल निरीक्षण और आगे की राहत प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने भरोसा जताया कि किसानों को किसी भी परिस्थिति में बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राहत एवं पुनर्वास विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर सरकार लगातार नजर रख रही है।


