
महाराष्ट्र को GCC के लिए देश का सबसे पसंदीदा केंद्र बनाने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री फडणवीस
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । महाराष्ट्र को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के लिए देश का अग्रणी और सबसे पसंदीदा केंद्र बनाने का लक्ष्य राज्य सरकार ने तय किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में 400 नए GCC, 4 लाख उच्च कौशल आधारित रोजगार और 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
पुणे के होटल कॉनराड में आयोजित GCCProZ लीडरशिप समिट में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भविष्य के GCC केवल कार्यालयी सहायता तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सेवाओं, डेटा एनालिटिक्स, उत्पाद विकास और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
महाराष्ट्र में मजबूत GCC इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई की वित्तीय और कारोबारी क्षमता तथा पुणे की इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी विशेषज्ञता महाराष्ट्र को GCC के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है। नासिक, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में भी विशेषीकृत GCC विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि 2025 में पुणे ने GCC क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है और 2026 के अंत तक पुणे इस क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकता है।
AI और आधुनिक तकनीक पर जोर
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, एडवांस इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल रिसर्च, इलेक्ट्रिक वाहन और औद्योगिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों को मिलकर काम करना होगा।
मुंबई-पुणे के साथ अन्य शहरों में भी विस्तार
राज्य में GCC को केवल मुंबई और पुणे तक सीमित नहीं रखा जाएगा। नागपुर, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और अन्य उभरते शहरों में भी विशेषीकृत केंद्र विकसित करने की योजना है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि महाराष्ट्र केवल GCC संचालन का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, उत्पाद विकास और अत्याधुनिक तकनीक का वैश्विक केंद्र बने, यही सरकार की महत्वाकांक्षा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि GCC महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से राज्य में उच्च मूल्य वाले रोजगार, अनुसंधान, ज्ञान और वैश्विक कारोबारी अवसरों का विस्तार होगा।



