
क्या शुरू होने वाला है परमाणु युद्ध? ईरान पर न्यूक्लियर हमले के दावे से मची हलचल
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:वॉशिंगटन/तेहरान।
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका की पूर्व कांग्रेसवुमन मार्जोरी टेलर ग्रीन के एक सनसनीखेज दावे ने नई बहस छेड़ दी है। ग्रीन ने दावा किया है कि व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी ईरान के खिलाफ संभावित परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर रणनीतिक बैठकें कर रहे हैं।
ग्रीन ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह हाई-लेवल बातचीत वास्तविक थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य ठोस सबूत पेश नहीं किया और कथित बैठक में शामिल अधिकारियों के नाम भी सार्वजनिक नहीं किए।
ग्रीन ने क्या दावा किया?
ग्रीन ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन परमाणु कार्रवाई की सीमा कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी प्रशासन अपने ही खुफिया आकलनों को नजरअंदाज कर रहा है। उनके अनुसार, इन आकलनों में संकेत दिया गया है कि ईरान फिलहाल परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं है।
ग्रीन का आरोप है कि इसके बावजूद अमेरिका इजरायल की ओर से मिल रही चेतावनियों को ज्यादा महत्व दे रहा है। उन्होंने ईरान के खिलाफ किसी भी परमाणु कार्रवाई के गंभीर वैश्विक परिणामों की चेतावनी दी है।
परमाणु हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं
ग्रीन के दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। व्हाइट हाउस या अमेरिकी रक्षा अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक रूप से ऐसी कोई पुष्टि सामने नहीं आई है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ परमाणु हमले की तैयारी शुरू की है या अपनी परमाणु नीति में कोई बदलाव किया है।
ग्रीन ने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल बड़े सैन्य टकराव को जन्म दे सकता है। इससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होने के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका होगी।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच आया बयान
ग्रीन का यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों पक्षों की ओर से तीखे बयान सामने आ रहे हैं और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर भी ईरान लगातार आपत्ति जताता रहा है।
ग्रीन पहले भी ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति और विदेशों में सैन्य कार्रवाई को लेकर असहमति जाहिर कर चुकी हैं। हालांकि वह खुद को डोनाल्ड ट्रंप का समर्थक बताती रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका वास्तव में ईरान के खिलाफ परमाणु विकल्प पर विचार कर रहा है या यह केवल एक राजनीतिक दावा है? आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण इस दावे को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।



