
तकनीक के जरिए स्थानीय दवा विक्रेताओं और ग्राहकों के बीच सेतु बनेगा ‘फार्माईश’
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । पुणे की डॉ. दीपमाला पाटील (पीएचडी इन फार्मेसी) द्वारा विकसित तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म ‘फार्माईश’ ग्राहकों को उनके आसपास के सहभागी लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं से जोड़ेगा। प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाएं प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ स्थानीय दवा विक्रेताओं की स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। फार्माईश की शुरुआत अगले माह पुणे से होगी।
डॉ. दीपमाला पाटील ने बताया कि फार्माईश के मोबाइल ऐप के माध्यम से ग्राहक नजदीकी सहभागी दवा विक्रेता को प्रिस्क्रिप्शन डिजिटल रूप से भेज सकेंगे। इसके लिए प्रिस्क्रिप्शन अपलोड करने, फोटो लेने, व्हाट्सऐप और वॉयस असिस्टेंस जैसे विकल्प उपलब्ध होंगे। संबंधित लाइसेंसधारी दवा विक्रेता प्रिस्क्रिप्शन की जांच कर दवा उपलब्ध कराने, बिलिंग, पैकिंग और होम डिलीवरी की जिम्मेदारी स्वयं निभाएगा। ग्राहकों से फार्माईश के उपयोग के लिए कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
डॉ. पाटील ने स्पष्ट किया कि फार्माईश ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म नहीं है और न ही यह दवाओं की खरीद, भंडारण, बिक्री या डिलीवरी करता है। प्लेटफॉर्म की भूमिका केवल ग्राहक और स्थानीय लाइसेंसधारी दवा विक्रेता के बीच तकनीकी माध्यम के रूप में रहेगी। फार्माईश को दवा बिक्री पर कोई कमीशन या लाभांश नहीं मिलेगा। इसका राजस्व मॉडल दवा विक्रेताओं से लिए जाने वाले प्लेटफॉर्म शुल्क पर आधारित होगा।
स्टार्टअप इंडिया पहल का हिस्सा फार्माईश शुरुआत में पुणे में सेवा शुरू करने के बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य शहरों तक विस्तार करेगा। टीम ने अब तक 500 से अधिक दवा विक्रेताओं से संवाद कर उनकी जरूरतों को समझा है। जिम्मेदारी से दवाओं के उपयोग और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूकता को भी प्लेटफॉर्म के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया गया है। दीर्घकालीन लक्ष्य देशभर के ग्राहकों को उनके स्थानीय दवा विक्रेताओं से जोड़ना है।


