इटावाउत्तर प्रदेशप्रशासन

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, जिलाधिकारी महोदय ने दिए प्रभावी सुधार के निर्देश

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, जिलाधिकारी महोदय ने दिए प्रभावी सुधार के निर्देश

14 से 15 वर्ष 3 माह की बालिकाओं के लिए 03 से 17 सितंबर तक चलेगा HPV टीकाकरण अभियान

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा -जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में अवगत कराया गया कि 14 से 15 वर्ष 3 माह आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए 03 से 17 सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर HPV टीकाकरण किया जाएगा। यह टीकाकरण प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), मुख्यमंत्री आरोग्य मेला तथा स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर पर किया जाएगा। जिलाधिकारी महोदय ने अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा बालिकाओं को टीकाकरण से आच्छादित करने के निर्देश दिए।

FCM इंजेक्शन की उपलब्धता एवं उपयोग की समीक्षा करते हुए बताया गया कि Ferric Carboxymaltose (FCM) एक नया आयरन इंजेक्शन है, जिसका चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एनीमिया एवं कम हीमोग्लोबिन की स्थिति में उपयोग किया जाता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार महिलाओं को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा एनीमिया से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं के चयन की समीक्षा में बताया गया कि कुल 82 आशाओं का चयन किया जा चुका है, जबकि 114 पदों पर चयन शेष है। जिलाधिकारी महोदय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का चयन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी पहुंच के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जहां भी पात्र महिलाओं का चयन किया जाना है, वहां शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए तथा चयनित आशा कार्यकर्ताओं को समय से प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

संस्थागत प्रसव की समीक्षा में बताया गया है कि कुल 7,761 संस्थागत प्रसव हुए हैं, जबकि जुलाई 2026निर्धारित लक्ष्य 14,007 है। निजी चिकित्सालयों में जुलाई 2026 तक 1,212 प्रसव हुए। जिलाधिकारी महोदय ने निजी चिकित्सालयों में उपलब्ध प्रसव सुविधाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में स्वास्थ्य विभाग के फील्ड कर्मचारियों, एएनएम, आशा एवं आईसीडीएस कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाए तथा Triple-A एवं VHSND की बैठकें नियमित रूप से आयोजित कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जननी सुरक्षा योजना (JSY) के लाभार्थियों की समीक्षा में बताया गया कि 01 अप्रैल 2026 से अब तक लाभार्थी संतृप्ति 68.49 प्रतिशत है। जिलाधिकारी महोदय ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि प्रत्येक ब्लॉक की मासिक प्रगति की आइटमवार समीक्षा की जाए और जहां प्रगति कम है, वहां विशेष प्रयास कर सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय से योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए आशा एवं एएनएम स्तर से लगातार फॉलोअप किया जाए।

CHC एवं जिला महिला चिकित्सालय के FRU पर सिजेरियन प्रसवों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने स्वास्थ्य सुविधाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनरेटर, पंखे, एसी, बेड तथा अन्य आवश्यक उपकरण पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें और बेडशीट साफ-सुथरी हो। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

PMSMA दिवस की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 1,312 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) मामलों की पहचान की गई है। बसरेहर में 415 HRP मामले चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों पर रेफर कर उपचार सुनिश्चित किया जाए। ई-संजीवनी के माध्यम से भी परामर्श एवं उपचार की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

NCD स्क्रीनिंग की समीक्षा में चकरनगर में 51.1 प्रतिशत, बढ़पुरा में 18.8 प्रतिशत, भरथना अर्बन में 17.9 प्रतिशत, ताखा में 13.9 प्रतिशत तथा इटावा अर्बन में 10.8 प्रतिशत प्रगति बताई गई। जिलाधिकारी महोदय ने कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए।

RBSK AWC की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि जहां किसी बीमारी अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्या का प्रकोप सामने आए, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव या क्षेत्र से स्वास्थ्य संबंधी सूचना प्राप्त होने पर उसे गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए।

जिला हेल्थ की-इंडिकेटर रैंकिंग में जनपद इटावा 75 जनपदों में 31वें स्थान पर है। जिलाधिकारी महोदय ने स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

टीबी नोटिफिकेशन की समीक्षा में बताया गया कि जनवरी से 29 अगस्त 2026 तक ताखा में 15.9 तथा राजपुरा में 45.97 प्रतिशत प्रगति रही। जिलाधिकारी महोदय ने कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष टीम भेजकर स्क्रीनिंग एवं जांच कराने तथा संभावित मरीजों की पहचान कर उपचार से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए।

NQAS प्रमाणन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों को NQAS प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, वहां मानकों को लगातार बनाए रखा जाए। जिला अस्पताल में जलभराव की स्थिति न हो तथा परिसर में स्वच्छता और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी महोदय ने सभी CHC, PHC एवं हेल्थ सेंटरों पर आवश्यक वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कुत्ते के काटने पर दी जाने वाली एंटी-रेबीज वैक्सीन तथा साँप के काटने की स्थिति में आवश्यक एंटी-स्नेक वेनम (ASV) की पर्याप्त उपलब्धता प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही वैक्सीन एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने को कहा।

BMW (Bio-Medical Waste) Authorization की समीक्षा में CHC, PHC एवं अर्बन PHC में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण केवल अधिकृत एजेंसी के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही कराया जाए।

बैठक में ABHA ID की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में ABHA ID बनाने की प्रगति कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों की ABHA ID बनवाई जाए। उन्होंने सभी एमओआईसी को अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करते हुए कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब फील्ड स्तर पर कार्यरत आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी सहित सभी कार्मिक आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने, योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करने तथा सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए।

उक्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बृजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष) परितोष शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (महिला) अनिल कुमार, समस्त एम0ओ0आई0सी सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button