
जनपद में स्थापित उद्योग प्रतिवर्ष 05 से 07 लाख टन एफपीओ के माध्यम से करेगा पराली का क्रय,जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को दिए निर्देश।
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया: जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में जिलास्तरीय उद्योग बन्धु एवं एमओयू क्रियान्वयन तंत्र समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में अहूत की गयी।
बैठक के दौरान वेदान्त एग्रोटैक के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि जनपद में उनके द्वारा स्थापित संयंत्र में पराली का प्रयोग किया जाता है जिसके लिए उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 05 से 07 लाख टन पराली की आवश्यकता होती है। उक्त के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए गये कि जनपद में संचालित एफपीओ के माध्यम से संस्थान को पराली क्रय करने हेतु कार्य योजना बनाते हुए संबंधित संस्थान को पराली उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उक्त के पूर्व बैठक में बताया गया की प्लास्टिक सिटी औद्योगिक क्षेत्र दिबियापुर में सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाए जाने हेतु स्थानीय कार्यालय न होने के कारण असुविधा होती है जिसपर जिलाधिकारी द्वारा उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए गए कि उनके माध्यम से बैठक का हवाला देते हुए जनपद में स्थानीय कार्यालय संचालित कराने हेतु पत्र शासन को प्रेषित किया जाए जिससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित कराया जा सके। जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित उद्योगों से संबंधित विभागों यथा- विद्युत, यूपीसीडा आदि को निर्देश दिए कि उद्योग बन्धुओ द्वारा बतायी गयी समस्याओं का 01 सप्ताह के अन्दर निस्तारण कराना सुनिश्चित किया जाए और यदि शासन स्तर से समस्या का निस्तारण होना है तो उसके लिए उनके माध्यम से पत्राचार कर समस्या का निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मा0 मुख्यमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी की समीक्षा करते हुए जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि वर्तमान में जो आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं उन्हें यथाशीघ्र ऋण की धनराशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए जिससे वह स्वयं स्वाभिलंबी बनकर आर्थिक उन्नत प्राप्त करें साथ ही अन्य युवाओं को भी स्वावलंबन हेतु प्रेरित करते हुए जनपद में रोजगार सृजित कर सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कुछ बैंकों द्वारा अनावश्यक रूप से आवेदन पत्रों को निरस्त किया जा रहा है उसकी अपने स्तर से समीक्षा करते हुए वैध आवेदनों को स्वीकृत करते हुए ऋण वितरित किया जाए और यदि किन्हीं आवेदन पत्रों को प्रपत्र उपलब्ध न होने के कारण अस्वीकृत किया गया है तो संबंधित आवेदक से सीएम मुख्यमंत्री युवा उद्यमी मित्रों के माध्यम से आवश्यक प्रपत्र प्राप्त करते हुए ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए।
उक्त अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, प्रभारी उपायुक्त उद्योग, अधिशाषी अभियंता विद्युत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित उद्योग बन्धु आदि उपस्थित रहे।



