
बदलते भारत की शिक्षा को मिलेगी नई दिशा, खोपोली में आयोजित होगा ‘द स्कूल्स ऑफ इंडिया समिट 2026’
देशभर के शिक्षाविद, संस्थापक, प्रधानाचार्य और AI शोधकर्ता होंगे शामिल; 30 अक्टूबर से तीन दिवसीय भव्य सम्मेलन
मालपाणी ग्रुप के निदेशक यशवर्धन मालपाणी ने दी जानकारी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
भारत का शिक्षा क्षेत्र वर्तमान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। पारंपरिक शैक्षणिक मूल्यों को सहेजते हुए आधुनिक तकनीक को जोड़ना, कक्षाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी उपयोग करना और प्रत्येक छात्र तक गुणवत्तापूर्ण व समान शिक्षा पहुंचाना आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियाँ बन चुकी हैं। इसी पृष्ठभूमि में, भारत के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने और भविष्य की चुनौतियों का ठोस समाधान खोजने के लिए ‘द स्कूल्स ऑफ इंडिया एजुकेशन समिट 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
आगामी 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक खोपोली स्थित ‘नोवोटेल इमेजिका’ में यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। मालपाणी ग्रुप के निदेशक यशवर्धन मालपाणी ने जानकारी दी कि इस सम्मेलन में देश के प्रमुख शिक्षाविद, प्रतिष्ठित स्कूलों के संस्थापक, प्रधानाचार्य, नीति निर्माता और एडटेक (EdTech) क्षेत्र के प्रौद्योगिकी शोधकर्ता एक मंच पर एकत्र होंगे और करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर मंथन करेंगे। इस अवसर पर ‘द स्कूल ऑफ इंडिया’ के संस्थापक अंकित पुष्पराज वर्मा और ‘ध्रुव स्कूल’ की प्रबंध निदेशक अनिष्का मालपाणी भी उपस्थित थीं।
शिक्षा की मूलभूत चुनौतियों पर गहन मंथन
‘द स्कूल ऑफ इंडिया’ के संस्थापक अंकित पुष्पराज वर्मा ने कहा कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में केवल औपचारिक चर्चा न होकर व्यावहारिक रूप से लागू की जा सकने वाली रणनीतियों पर जोर दिया जाएगा। मुख्य रूप से शिक्षण पद्धतियों में आधुनिक बदलाव, पाठ्यक्रम में नवाचार, स्कूली नेतृत्व एवं संस्थागत प्रबंधन, तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास जैसे संवेदनशील व मूलभूत विषयों पर गहन मंथन होगा।
इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक बदलावों के भारतीय शिक्षा प्रणाली पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, तकनीक के युग में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) का स्कूली शिक्षा में सुरक्षित और प्रभावी उपयोग कैसे किया जाए, इस पर विशेष कार्यशालाएं और सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से नए एडटेक उत्पादों और शैक्षणिक उपकरणों का सीधा प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र के दिग्गजों का मार्गदर्शन
सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए ध्रुव स्कूल की प्रबंध निदेशक अनिष्का मालपाणी ने बताया कि इस महासम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता इसका दिग्गज और अनुभवी सलाहकार बोर्ड है, जो भारतीय शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें ‘अवसरा अकादमी’ की लक्ष्मी कुमार (सामाजिक प्रभाव व सर्वांगीण शिक्षा), ‘मालपाणी ग्रुप ऑफ स्कूल्स’ के संजय मालपाणी (बड़े पैमाने पर संस्थागत नेटवर्क), और ‘ECA व पोदार एजुकेशन नेटवर्क’ की डॉ. स्वाती पोपट वात्स (प्रगतिशील शिक्षा व अनुसंधान) जैसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल हैं।
इसके अलावा, शिक्षा में AI के उपयोग पर ‘Almach AI’ के रसेल जॉन कैली, अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पर ‘IB वर्ल्ड स्कूल्स’ की सीता मूर्ति और ‘कैम्ब्रिज इंटरनेशनल’ की अलका पांडे मार्गदर्शन करेंगी। इसी प्रकार, ‘एसपी जैन स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट’ के परिमल मर्चेंट वैश्विक व्यावसायिक शिक्षा पर, और ‘सोशल ब्रिक’ की मृणाल शाह खेल-खेल में शिक्षा व अनुभवात्मक शिक्षण पर अपने विचार साझा करेंगी। इन दिग्गजों की सहभागिता से यह सम्मेलन देश की शैक्षणिक नीतियों को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
एडटेक प्रदर्शनी और प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शैक्षणिक तकनीक, स्मार्ट क्लासरूम सॉल्यूशंस, एडटेक स्टार्टअप्स और नवीन शैक्षणिक सामग्रियों का सीधा प्रदर्शन होगा। साथ ही महत्वपूर्ण घोषणाओं और प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया गया है।
आयोजकों ने अपील की है कि इच्छुक प्रतिभागी theschoolofindia.org वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण कराएं।



