
श्रीकृष्ण के कर्मयोग और कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लेने का संदेश
केदारनाथ महाविद्यालय मऊगंज में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय, मऊगंज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. डी. पांडेय ने की। मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर पी.के. पांडेय उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि डॉ. नीता मिश्रा ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. शशि शंकर द्वारा किया गया।
अपर कलेक्टर ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके द्वारा प्रतिपादित कर्म के सिद्धांत को वर्तमान जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए फल की चिंता किए बिना कर्म करते रहना चाहिए। उनका कर्मयोग, कर्तव्यनिष्ठा, धैर्य तथा परिस्थितियों के अनुरूप उचित निर्णय लेने की क्षमता आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. डी. पांडेय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण केवल धार्मिक एवं आध्यात्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि जीवन-प्रबंधन, नीति, कूटनीति, प्रेम, धैर्य, क्षमा, साहस और कर्तव्यबोध के अद्वितीय मार्गदर्शक हैं। उनके जीवन से विपरीत परिस्थितियों में विवेक एवं संतुलन बनाए रखते हुए धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में प्रो. अनवर खान, डॉ. सच्चिदानंद मिश्रा, डॉ. ब्रह्मानंद शर्मा, डॉ. पंकज मिश्रा, डॉ. आशीष सोनगरिया, डॉ. सतीश मिश्रा, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. पंकज साहू एवं डॉ. के.के. विश्वकर्मा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अवनीश सिंह ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. एन.डी. त्रिपाठी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्री पी.के. पांडेय, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. एस.डी. पांडेय, विशिष्ट अतिथि डॉ. नीता मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक, प्राध्यापकगण एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके कर्मयोग एवं समाज के प्रति उनके संदेशों को स्मरण करते हुए उपस्थितजनों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण
रहा।


