भुवनेश्वर में 54वां राष्ट्रीय कंपनी सचिव सम्मेलन संपन्न
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान भुवनेश्वर महाराष्ट्र
भुवनेश्वर,। ऐतिहासिक शहर भुवनेश्वर में आयोजित तीन दिवसीय 54वें राष्ट्रीय कंपनी सचिव सम्मेलन का सोमवार को समापन हो गया। सम्मेलन में तीन दिनों तक कंपनी सचिवों की बदलती भूमिका, तकनीकी बदलाव, पारदर्शिता, सतत विकास और सुशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई।
इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘नवपीढ़ी के कंपनी सचिव—विकास के उत्प्रेरक और सुशासन के प्रहरी’ रहा। सम्मेलन में देशभर से अनुभवी पेशेवरों, उद्योग जगत के प्रमुख लोगों, नियामकों और नीति विशेषज्ञों ने भाग लिया। वक्ताओं ने बदलती तकनीक, सतत विकास, बाजार में हो रहे बदलाव और निदेशक मंडल की कार्यप्रणाली में नैतिकता जैसे विषयों पर विचार साझा किए।
सम्मेलन में डिजिटल तकनीक के साथ नियामकीय अनुपालन में बदलाव, सतत विकास में विश्वास और पारदर्शिता, नवोदित उद्यमों, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों तथा गैर-लाभकारी संस्थाओं में सुशासन, वर्ष 2047 के भारत के लिए कंपनी सचिवों के कौशल विकास और पूंजी बाजार में नैतिकता एवं पारदर्शिता जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
इसके अलावा निदेशक मंडल की कार्यप्रणाली, भविष्य के लिए पेशे को तैयार करने, कार्बन बाजार के नियमन, नवाचार तथा जमीनी स्तर पर सुशासन के माध्यम से समावेशी विकास जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।
अवसर पर भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ने वर्ष 2023 से 2026 के दौरान हासिल की गई प्रमुख संरचनात्मक उपलब्धियों और नियामकीय प्रगति को भी विशेष सत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया।
सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध गायिका उषा उथुप की संगीत प्रस्तुति ने समां बांध दिया। वहीं, आकर्षक ओडिसी नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से ओडिशा की समृद्ध कला एवं संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।


