
शिक्षा व्यवस्था की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय स्थित विमर्श कक्षा में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था की प्रगति, विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सहित सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शिक्षकों के वेतन भुगतान एवं लंबित देयकों, प्रमाण-पत्र सत्यापन, शिक्षक स्थानांतरण, मिशन निपुण, निपुण अनुश्रवण, त्वरित अधिगम एवं उपचारात्मक शिक्षण, परियोजना आधारित अधिगम, छात्रवृत्ति, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, विद्यालयों की आधारभूत संरचना तथा अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
वेतन भुगतान और लंबित देयकों के निष्पादन पर चर्चा
बैठक में शिक्षकों के वेतन भुगतान एवं लंबित देयकों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित मामलों का नियमानुसार निष्पादन कराने तथा आवश्यक अभिलेखों एवं प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। शिक्षक स्थानांतरण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा करते हुए विभागीय निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
मिशन निपुण और शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
विद्यालयों में बच्चों के बुनियादी भाषा एवं गणितीय कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से मिशन निपुण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई। निपुण अनुश्रवण, त्वरित अधिगम एवं उपचारात्मक शिक्षण तथा परियोजना आधारित अधिगम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बच्चों के सीखने की प्रगति का नियमित आकलन किया जाए और आवश्यकता के अनुसार शिक्षण पद्धति में सुधार किया जाए।
मॉडल स्कूलों में प्रयोगशाला उपकरणों की गुणवत्ता जांच के निर्देश
सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्होंने विद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरणों की गुणवत्ता की जांच, बच्चों की नियमित उपस्थिति तथा पाठ्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके अलावा स्मार्ट कक्षा का प्रभावी संचालन, फिलो ऐप पर सभी बच्चों का पंजीकरण, नियमित खेलकूद कक्षाओं का आयोजन तथा शिक्षकों द्वारा पाठ-टीका के संधारण की नियमित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि इन सभी बिंदुओं की नियमित समीक्षा कर विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखा जाए।
कस्तूरबा विद्यालयों में नामांकन और मानव संसाधन की समीक्षा
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन, मानव संसाधन एवं नियमित अनुश्रवण की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति, उपलब्ध सुविधाओं तथा शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित निगरानी करने पर बल दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालयों की आवश्यकताओं का आकलन कर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
आधारभूत संरचना की निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा कराने पर जोर
बैठक में विद्यालय भवन निर्माण एवं अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माणाधीन योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण कराने तथा कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सभी पदाधिकारियों एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं तथा विभागीय योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारी निरंतर निगरानी रखें।
बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियदर्शी सौरव, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीलम राज, डुमरा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविन्द कुमार समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।



