
आयुर्वेद के प्रति जागरूकता का संदेश, दिबियापुर में निकली ‘रन फॉर आयुर्वेद’ रैली
रन फॉर आयुर्वेद’ से दिया स्वस्थ जीवन का संदेश, दिबियापुर में निकली जागरूकता रैली
*दिबियापुर में निकली ‘रन फॉर आयुर्वेद’ रैली, गूंजा स्वस्थ भविष्य का संदेश
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर ‘रन फॉर आयुर्वेद’ रैली एवं आयुर्वेद जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया। जिलाधिकारी श्री बृजेश कुमार के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग द्वारा 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस-2026 के अवसर पर निर्धारित थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद – Ayurveda for a Healthier Tomorrow” के अंतर्गत बुधवार को ‘रन फॉर आयुर्वेद’ रैली एवं आयुर्वेद जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर आयुर्वेद’ रैली का शुभारंभ योग वेलनेस सेंटर, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, नगर पंचायत दिबियापुर से मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्री राघव मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली में आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सक, योग प्रशिक्षक, योग सहायक, विद्यार्थी एवं क्षेत्र के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। रैली निर्धारित मार्ग से होते हुए पुनः योग वेलनेस सेंटर पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के उपरांत नगर पंचायत सभागार, दिबियापुर में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयुर्वेद जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों एवं अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्री राघव मिश्रा ने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन एवं समृद्ध स्वास्थ्य परंपरा है। स्वस्थ जीवन के लिए हमें आयुर्वेद को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “आयुर्वेद अपनाएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार ने 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य संरक्षण और रोगों की रोकथाम पर भी विशेष जोर देता है। उन्होंने जनसामान्य से आयुर्वेद की जीवनशैली एवं सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के संयोजक एवं योग प्रशिक्षक एवं प्राकृतिक चिकित्सक शशिराज सेठ ने कहा कि योग और आयुर्वेद एक-दूसरे के पूरक हैं। योग, प्राकृतिक चिकित्सा तथा आयुर्वेद के माध्यम से जनसामान्य को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास, संतुलित आहार, उचित दिनचर्या एवं ऋतु के अनुरूप जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकता है। डॉ आरती शर्मा, डॉ पूनम पाल, डॉ राकेश चिकित्साधिकारियों आदि चिकित्साधिकारियों द्वारा संगोष्ठी में दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार, पथ्य-अपथ्य तथा स्वस्थ जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि आयुर्वेद में व्यक्ति की प्रकृति, ऋतु एवं दैनिक जीवनशैली के अनुरूप खान-पान और आचार-विचार को विशेष महत्व दिया गया है। कार्यक्रम का संचालन रमेश कुमार शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. निधि शुक्ला, नोडल आयुर्वेद डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा, प्रभारी जिला होम्योपैथी चिकित्साधिकारी डॉ. परवीन, डॉ. राजेश, डॉ. अरुण कुमार,नीतू सिंह, डॉ हरि प्रताप सिंह, डॉ राज नारायन, डॉ नितिन यादव, डॉ. कल्पना गुप्ता, डॉ. पूनम शर्मा, डॉ. नितिन, डॉ. राकेश, डॉ. राजकिशोर, डॉ. अनीस अहमद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक गौरव पांडे, डॉ. शैलजा पटारिया, डॉ शालिनी राजपूत,अध्यापक कृष्ण कुमार, योग प्रशिक्षक योगेंद्र कुमार मिश्रा, प्रशंसा कुमारी, रितु चंदेरिया, मोहिनी पांडे, अजय कुमार, नितिन कुमार, सुशील कुमार, योग सहायक उत्कर्ष सिंह, राम प्रकाश पटेल, डीईओ कृष्ण कुमार, आलोक, अहसान अली सहित आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक विभाग का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।



