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साहिल वाकोडे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, सच्चाई सामने आए: डॉ. हुलगेश चलवादी

साहिल वाकोडे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, सच्चाई सामने आए: डॉ. हुलगेश चलवादी

 

आरपीआई के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा- दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार हो कार्रवाई

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, । आईआईटी मुंबई के छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की असामयिक मृत्यु से मन बेहद व्यथित है। उच्च शिक्षा का सपना लेकर देश के प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई कर रहे एक युवा की इस तरह मृत्यु होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। यह बात रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने कही।

 

डॉ. चलवादी ने कहा कि साहिल के माता-पिता ने अपने बेटे के साथ जातीय भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

 

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच जारी है। संबंधित प्रोफेसर पर लगे आरोपों और संस्थान के स्तर पर हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

 

डॉ. चलवादी ने बताया कि साहिल की मृत्यु के मामले में आईआईटी मुंबई ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है और उसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई की ओर से बताया गया है कि साहिल ने संस्थान के एससी-एसटी सेल में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। ऐसे में माता-पिता के आरोपों, संस्थान के पक्ष और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों का निष्पक्ष एवं वस्तुनिष्ठ आकलन किया जाना आवश्यक है।

 

डॉ. चलवादी ने कहा कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री तथा आरपीआई के अध्यक्ष रामदास आठवले ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

 

उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभावमुक्त शैक्षणिक वातावरण मिलना उसका अधिकार है। जाति, धर्म, भाषा या आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, हर विद्यार्थी को समान अवसर और सम्मान के साथ शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलना चाहिए।

 

डॉ. चलवादी ने मांग की कि साहिल वाकोडे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर बिना किसी दबाव के सच्चाई सामने लाई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

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