औरैया में वर्षा का येलो अलर्ट जारी, वज्रपात से बचाव के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जारी की एडवाइजरी।
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया, भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जनपद में वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा आम जनमानस से सतर्कता बरतने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की गयी है। इसी क्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विशेष रूप से वज्रपात (आकाशीय बिजली) से बचाव एवं सुरक्षा के संबंध में एडवाइजरी जारी करते हुए जनपदवासियों को आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी गयी है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि वर्षा एवं गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की संभावना रहती है। ऐसे में नागरिकों को मौसम के पूर्वानुमान एवं चेतावनियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेषकर किसान, खेतों में कार्य करने वाले श्रमिक, खुले स्थानों पर रहने वाले व्यक्ति, बच्चों एवं बुजुर्गों को खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
वज्रपात के दौरान क्या करें-
पक्के मकान में शरण लें। गरज-चमक एवं आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थान पर रहने के बजाय सुरक्षित पक्के भवन के अंदर चले जाएं।
यात्रा के दौरान वाहन में ही रहें। यदि आप यात्रा कर रहे हैं और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो जाए तो सुरक्षित स्थान मिलने तक वाहन के अंदर ही रहें।
खिड़कियों, दरवाजों, बरामदे एवं छत से दूर रहें। बिजली चमकने के दौरान घर की खिड़की, दरवाजे, बरामदे एवं छत पर खड़े न हों तथा बिजली के सुचालक पदार्थों से दूरी बनाए रखें।
बिजली के उपकरणों एवं तारों से दूरी रखें। बिजली गिरने की संभावना के दौरान विद्युत उपकरणों या खुले तारों के संपर्क में आने से बचें।
तालाब, नदी, नहर एवं अन्य जलाशयों से दूर रहें। बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान पानी के आसपास रहना जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे में जल स्रोतों से तत्काल सुरक्षित दूरी बना लें।
समूह में एक साथ खड़े न हों। यदि किसी कारण से खुले स्थान पर फंस जाएं तो एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाकर अलग-अलग खड़े रहें।
खेत-खलिहान में विशेष सावधानी बरतें। यदि खेत में होना आवश्यक हो और तत्काल सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो तो पैरों के नीचे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा अथवा सूखे पत्ते रखकर जमीन से सीधे संपर्क को कम करें।
धातु से बने कृषि यंत्रों से दूर रहें। ट्रैक्टर, कृषि उपकरण एवं अन्य धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें तथा खराब मौसम में इनके उपयोग से बचें।
घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाएं। यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाएं। साथ ही मौसम के पूर्वानुमान एवं चेतावनियों की जानकारी लेते रहें।
*वज्रपात के दौरान क्या न करें-* पेड़ के नीचे खड़े न हों। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ के नीचे आश्रय लेना खतरनाक हो सकता है।
दीवार के सहारे टेक न लगाएं। तेज बारिश एवं बिजली चमकने के दौरान कमजोर अथवा बाहरी दीवारों के पास खड़े होने से बचें।
बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे शरण न लें। ऐसे स्थानों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। नल, फ्रिज, टेलीफोन एवं अन्य विद्युत/धातु उपकरणों को न छुएं। गरज-चमक के दौरान ऐसे उपकरणों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित है।
धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें। खुले स्थान पर धातु की वस्तुओं एवं उपकरणों के संपर्क से बचें।
मौसम की चेतावनियों पर रखें नजर, जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें, खुले मैदानों, खेतों, जलाशयों एवं ऊंचे स्थानों पर न रहें तथा बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें। नागरिक भारत मौसम विज्ञान विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सतर्कता और सावधानी ही वज्रपात से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं और उपलब्ध स्थानीय प्रशासनिक एवं चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। आम जनमानस से अपील की गयी है कि इस एडवाइजरी को अपने परिवार, पड़ोसियों, किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि वर्षा एवं वज्रपात के दौरान जनहानि की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।


