
अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस पर बुनियाद केंद्र डुमरा में कार्यक्रम आयोजित, वृद्धजनों को किया गया सम्मानित
वृद्धजनों का सम्मान एवं गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : जिलाधिकारी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस के अवसर पर आज बुनियाद केंद्र, डुमरा में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, सीतामढ़ी श्री तनय सुल्तानिया, उप विकास आयुक्त श्रीमती श्वेता भारती, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में वृद्धजन तथा स्कूली छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने खेलकूद, पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया एवं उप विकास आयुक्त श्वेता भारती ने उपस्थित वृद्धजनों को शॉल एवं पाग प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वृद्धजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता एवं सामाजिक दायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने कहा कि वृद्धजन हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके पास जीवन के लंबे अनुभव, ज्ञान और संघर्षों से अर्जित सीख होती है, जो नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत है। वृद्धावस्था जीवन का ऐसा पड़ाव है, जिसमें व्यक्ति को सम्मान, अपनापन, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इसलिए वृद्धजनों की देखभाल एवं उनके सम्मान को केवल पारिवारिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा वृद्धजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं एवं सेवाएं संचालित की जा रही हैं। पेंशन योजना, पेपरलेस निबंधन प्रणाली, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविरों के माध्यम से पात्र लाभुकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए वृद्धजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि पात्र लाभुकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत एवं वार्ड स्तर पर घर-घर जाकर वृद्धजनों सहित पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं से नियमित रूप से आच्छादित किया जाए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं तत्परता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन वृद्धजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल एक दिवस तक सीमित न रहे, बल्कि उनके प्रति सम्मान, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना समाज के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बने।
कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को भी वृद्धजनों के प्रति सम्मान, आत्मीयता एवं जिम्मेदारी का भाव अपनाने का संदेश दिया गया।



