रीवाप्रशासनमध्य प्रदेश

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत प्राकृतिक खेती अपनाने एवं रासायनिक उर्वरको एवं कीटनाशको के उपयोग को कम करने एवं फसल सुरक्षा के उपाय कृषको को बताये गए

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत प्राकृतिक खेती अपनाने एवं रासायनिक उर्वरको एवं कीटनाशको के उपयोग को कम करने एवं फसल सुरक्षा के उपाय कृषको को बताये गए

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा . सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत कलेक्टर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकासखंड गंगेव के ग्राम माला , खरहरी, देवास, बांस, माल, पन्गड़ी साथ ही विकास खंड सिरमौर के दोहा एवं में कृषकों के खेतों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान कृषि विभाग, आत्मा परियोजना एवं कृषि वैज्ञानिक दल द्वारा विभिन्न फसलों का निरीक्षण कर कृषकों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।भौतिक सत्यापन दल में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एल. वर्मा, डा भानू प्रताप सिंह परियोजना संचालक आत्मा समिति रीवा,वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री शिवसरण सरल, आत्मा परियोजना से श्री दीपक कुमार श्रीवास्तव, कृषि विस्तार अधिकारी सुधांशु शुक्ला एवं कृषि विस्तार अधिकारी श्री युगल किशोर प्रधान शामिल रहे।

 

भ्रमण के दौरान श्री अजय पटेल ग्राम माला के यहाँ गन्ना,मूंग क़ी प्राकृतिक खेती एवं श्री विकास पटेल ग्राम देवास धान की प्राकृतिक खेती, आत्मा प्रदर्शन उड़द श्री मुनिप्रसाद पटेल का निरीक्षण कृषि वैज्ञानिक, परियोजना संचालक डा बी.पी सिंह की उपस्थिति में किया गया एवं अधिकारियों द्वारा फसलों की स्थिति एवं प्राकृतिक खेती के घटकों एवं डेयरी का निरिक्षण युवा उद्यमी श्री विकास पटेल ग्राम देवास तथा फसल विविधीकरण की संभावनाओं का अवलोकन किया गया। साथ ही कृषकों द्वारा अपनाई जा रही कृषि पद्धतियों की जानकारी लेकर आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए गए। इस अवसर पर उपस्थित कृषकों एवं महिला कृषकों से संवाद करते हुए प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों, स्थानीय संसाधनों से जैविक आदान तैयार करने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, फसल चक्र अपनाने तथा दलहनी एवं मोटे अनाज की फसलों को बढ़ावा देने के संबंध में जानकारी दी गई।साथ ही अरहर, तिल एवं धान में क़ीट एवं रोग प्रबंधन क़ी सलाह दी गयी कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एल. वर्मा ने फसल विविधीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्थानीय जलवायु एवं मृदा के अनुकूल विभिन्न फसलों को अपनाने से खेती में जोखिम कम करने, मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने तथा कृषि को टिकाऊ बनाने में सहायता मिल सकती है। अधिकारियों ने कृषकों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने एवं कृषि में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

 

अपील :-राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन का उद्देश्य प्राकृतिक खेती के विस्तार, रासायनिक कृषि आदानों पर निर्भरता कम करने, मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा कृषकों की आय में वृद्धि की संभावनाओं को मजबूत करना है। कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना द्वारा कृषकों और महिला कृषकों को प्राकृतिक खेती एवं फसल विविधीकरण के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।साथ ही कृषको को फार्मर आइडी बनवाने हेतु प्रेरित कर रहे है।

 

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