
शस्त्र शक्ति सत्य का प्रतीक दुर्गा पूजा
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
कन्या पूजन का आयोजन डॉ प्रतिमा आनंद के आवास पर महिला विकास मंच, राष्ट्र सेविका समिति एवं पूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया जिसमें 21 कन्याओं के साथ उनके माता ने भाग लिया। शस्त्र, शक्ति और सामाजिक एकता एवं समरसता का प्रतीक दुर्गा पूजा विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजा की जाती है।
विशेषकर सैनिकों, पुलिसकर्मियों, पारंपरिक योद्धा समुदायों और कुछ अन्य समाजों में शस्त्रों के प्रति सम्मान शक्ति, साहस, सत्य का प्रतीक है। माँ दुर्गा की उपासना हमें अन्याय, अत्याचार और बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती है। भारतीय परंपरा में शस्त्र पूजा शक्ति, आत्मरक्षा, कर्तव्य और राष्ट्रधर्म के प्रति सम्मान का प्रतीक है। पूर्व सैनिक अनिल कुमार ने बताया सेना के जवानों के लिए शस्त्र राष्ट्र की संप्रभुता और पुलिस के लिए यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा का माध्यम है। आम नागरिकों के लिए यह आत्मरक्षा, सुरक्षा और जिम्मेदारी के महत्व का प्रतीक है शस्त्र केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, संयम और उत्तरदायित्व का भी प्रतीक है।

उसका उपयोग कानून और नैतिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उक्त बातों से उपस्थित कन्या एवं उनके माता को बताया गया सभी को भौतिक रूप से सभी शस्त्रों का अवलोकन करवाते हुए उसके वास्तविक महत्व उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया गया। मौके पर ज्योति सिंह, विनिता सिंह डॉ मधु सिंह राम किशोर सिंह सुमन कंचन अंकिता मुकेश रत्नेश समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।


