
जांच के घेरे में आए सदस्य को एमपीएससी अध्यक्ष न बनाया जाए : अक्षय कांबले
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे। एमपीएससी में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर छात्र संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने पूर्व न्यायमूर्ति भोसले की अध्यक्षता और तुकाराम मुंडे को सदस्य सचिव बनाए जाने वाली पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
एमपीएससी आंदोलन के नेता अक्षय कांबले ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की भूमिका को लेकर जांच होनी है, उन्हीं में से आयोग के वर्तमान सदस्य सतीश वाघेला को प्रभारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र भेजकर नियुक्ति तत्काल रद्द करने की मांग की है।
कांबले ने कहा कि जांच के दायरे में आने वाले व्यक्ति को आयोग के सर्वोच्च पद पर रखना जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों का भविष्य इस जांच से जुड़ा है, इसलिए सरकार को जांच की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जांच के घेरे में आने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रभारी अध्यक्ष का पद न दिया जाए और सतीश वाघेला की नियुक्ति रद्द की जाए।
