
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित, सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के दिए निर्देश
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनकर वाहन चलाएं और नशे की हालत में वाहन ना चलाये—जिलाधिकारी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा -जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की दशम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराने तथा आगामी पर्वों के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनवरी माह से अब तक जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में 230 लोगों की मृत्यु होना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सितंबर माह में विभिन्न मार्गों पर कुल 46 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें एनएचएआई में 26 दुर्घटना हुई है 19 लोगों की मृत्यु हुई। एक्सप्रेस-वे पर 2, एमडीआर (मुख्य जिला मार्ग) पर 12, एसएच (राज्य राजमार्ग) पर 1 तथा अन्य जिला मार्गों पर 5 दुर्घटनाएं होने का विवरण प्रस्तुत किया गया।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासित व्यवहार अपनाकर अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
जिलाधिकारी ने जनपद में चिह्नित 14 ब्लैक स्पॉट की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। सड़क पर संकेतक, चेतावनी बोर्ड, आवश्यक बैरियर एवं अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।
आगामी पर्वों एवं त्योहारों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने कहा कि नवंबर माह में सड़कों पर वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जाए, जिससे आमजन को आवागमन में असुविधा न हो और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानिकपुर मोड़ से सराय भूपत तक सड़क पर मौजूद गड्ढों को तत्काल ठीक कराया जाए। एक्सप्रेस-वे एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर आवश्यक स्थानों पर मेटल बीम क्रैश बैरियर सहित सड़क सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध पूर्ण कराए जाएं।
जिलाधिकारी ने एनएचएआई और यूपीडा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवंबर माह में नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर आवश्यक संसाधनों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को बढ़ाया जाए। वाहनों की तेज गति पर नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं तथा निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए तथा किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न होने दिया जाए। सड़क पर सुरक्षा संबंधी कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए। एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी के साथ आवश्यक स्थानों पर उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से वाहन चालकों को सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए।
शहरी यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के लिए निर्धारित यातायात योजना का कड़ाई से पालन कराया जाए। रोडवेज विभाग को निर्देशित किया गया कि बसें निर्धारित बस अड्डे पर ही रुकें तथा शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर अनावश्यक रूप से खड़ी होकर सवारियां न भरें। विशेष रूप से एसएसपी चौराहा एवं डीएम चौराहा पर बसों के अनधिकृत ठहराव और सवारी भरने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने क्षेत्राधिकारी यातायात को निर्देशित किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के विरुद्ध चालान सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को डग्गामार वाहनों एवं ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित प्रवर्तन कार्रवाई की जाए तथा वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराकर ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। सड़क पर सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने, यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निरंतर निगरानी की जाए, ताकि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली जनहानि को कम किया जा सके।
उक्त बैठक में एस0पी सिटी बबिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राजेश कुमार, ए0आर0टी0ओ प्रदीप देशमणि, सीओ ट्रैफिक, एनएचएआई, यूपीडा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारीगण सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


