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महाराष्ट्र को भविष्य की मोबिलिटी का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र को भविष्य की मोबिलिटी का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

‘मेक इन महाराष्ट्र’ से ‘इनोवेट इन महाराष्ट्र’ की ओर बढ़ रहा राज्य

 

चाकण में मर्सिडीज-बेंज की अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जीएलसी कार का मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, । महाराष्ट्र को केवल देश का वाहन निर्माण केंद्र ही नहीं, बल्कि भविष्य की मोबिलिटी (परिवहन तकनीक) का वैश्विक केंद्र बनाने का राज्य सरकार का लक्ष्य है। ‘मेक इन महाराष्ट्र’ से आगे बढ़कर अब ‘इनोवेट इन महाराष्ट्र’ की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत उत्पादन के साथ-साथ अनुसंधान, इंजीनियरिंग, तकनीकी विकास और नवाचार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चाकण में मर्सिडीज-बेंज की अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जीएलसी कार के लोकार्पण समारोह में कही।

 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, मर्सिडीज-बेंज ग्रुप एजी के पर्यवेक्षी मंडल के अध्यक्ष डॉ. मार्टिन ब्रुडरम्युलर, कंपनी के प्रबंधन मंडल के अध्यक्ष एवं वैश्विक प्रमुख डॉ. ओला कॅलेनियस, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. यॉर्ग बुर्जर, पुणे मर्सिडीज-बेंज के कार्यकारी निदेशक संतोष अय्यर सहित कंपनी के वैश्विक एवं भारतीय अधिकारी तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में वाहन उद्योग का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है। देश के कुल मोटर वाहन उत्पादन में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से अधिक है। राज्य का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी तकनीक, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर, डिजाइन और अनुसंधान के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है।

 

उन्होंने मर्सिडीज-बेंज से चाकण संयंत्र के माध्यम से भारतीय बाजार के साथ एशियाई और वैश्विक बाजारों के लिए भी उत्पादन करने का आह्वान किया। साथ ही भविष्य की बैटरी तकनीक, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और मोबिलिटी अनुसंधान के लिए महाराष्ट्र को प्राथमिकता देने की अपील की।

 

2030 तक 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों का लक्ष्य

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत वर्ष 2030 तक नए वाहनों के पंजीकरण में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राजमार्गों पर फास्ट चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग पर टिकाऊ मोबिलिटी कॉरिडोर के विकास के साथ बैटरी पुनर्चक्रण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि भविष्य का वाहन केवल चार पहियों पर चलने वाला साधन नहीं होगा, बल्कि उसमें कंप्यूटर, ऊर्जा प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समन्वय होगा। इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए महाराष्ट्र तैयार है।

 

वैश्विक बाजारों से मजबूत होगी कनेक्टिविटी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित पुणे-पुरंदर हवाई अड्डा और वाढवण बंदरगाह से महाराष्ट्र की वैश्विक बाजारों तक पहुंच और मजबूत होगी। बड़े बाजार, औद्योगिक नेटवर्क, कुशल इंजीनियरों और आधुनिक तकनीक के कारण महाराष्ट्र निवेश का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

 

उन्होंने जानकारी दी कि इलेक्ट्रिक जीएलसी वाहन को लेकर महज 36 घंटे में लगभग 650 ग्राहकों ने रुचि दिखाई है। महाराष्ट्र से अब दुनिया के लिए उत्पादन के साथ अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है।

 

मर्सिडीज-बेंज की 3,200 करोड़ रुपये की निवेश योजना

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि मर्सिडीज-बेंज के चाकण संयंत्र से लगभग 1,200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जबकि आपूर्तिकर्ताओं और सेवा क्षेत्र को मिलाकर करीब 18 हजार लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि चाकण संयंत्र में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जीएलसी वाहन का उत्पादन शुरू होना महाराष्ट्र की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

 

इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण से भविष्य की परिवहन व्यवस्था के लिए तैयार होगा पुणे : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार

 

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज कंपनी पिछले तीन दशकों से महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों का स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू होना राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

 

उन्होंने कहा कि बिजली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पर्यावरण अनुकूल उत्पादन तकनीक का संगम पुणे को भविष्य की परिवहन व्यवस्था के लिए तैयार कर रहा है। पुणे जिले में विश्वस्तरीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग और तकनीक के विकास के माध्यम से महाराष्ट्र को भविष्य के परिवहन क्षेत्र में सक्षम बनाने का स्वर्गीय अजित पवार का सपना साकार हो रहा है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक मोबिलिटी तकनीक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के अनुरूप है। उन्होंने वैश्विक उद्योग समूहों से महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में जल संरक्षण, भूजल अनुसंधान और जल सुरक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की।

उपमुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को आश्वस्त किया कि पुणे की पालकमंत्री के रूप में वे उद्योगों को हरसंभव सहयोग देंगी। उद्योगों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

 

कार्यक्रम में मर्सिडीज-बेंज ग्रुप एजी के अध्यक्ष डॉ. मार्टिन ब्रुडरम्युलर, कंपनी के वैश्विक प्रमुख डॉ. ओला कॅलेनियस और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. यॉर्ग बुर्जर ने भी अपने विचार रखे। पुणे मर्सिडीज-बेंज के कार्यकारी निदेशक संतोष अय्यर ने स्वागत भाषण में कंपनी की पिछले 30 वर्षों की प्रगति का विवरण दिया तथा राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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