रीवा

प्राथमिकता के आधार पर बैंकर्स रोजगार मूलक योजनाओं में ऋण वितरित करें ,सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का करें निराकरण

रीवा: पालिक निगम आयुक्त मृणाल मीणा एवं जिला पंचायत के सीईओ स्वप्निल वानखेड़े के उपस्थित में आयोजित शासकीय योजनाओं के प्रगति एवं स्वरोजगार मूलक प्रकरणों में ऋण वितरण के प्रगति की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये गये कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के द्वितीय चरण में पथ विक्रेताओं को बैंकर्स प्राथमिकता के आधार पर 10 हजार रूपये का ऋण वितरित करें। नगर पालिक निगम के आयुक्त मृणाल मीणा ने कहाकि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अन्तर्गत प्रेषित प्रकरणों को स्वीकृत कर वितरण की कार्यवाही तुरंत की जाय। कुछ बैंकर्स द्वारा ऋण वितरण में रूचि न लेकर कोताही बरती जा रही है यह आपत्ति जनक है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत प्राप्त लक्ष्य 198 तथा वित्तीय लक्ष्य 5 करोड़ रूपये के विरूद्ध बैंकों में 669 प्रकरण प्रेषित किये गये हैं। बैंकों द्वारा अब तक 141 प्रकरण स्वीकृत कर केवल 54 बेरोजगार युवकों को ही ऋण वितरित किया गया है। बैठक में निर्देश दिये गये कि प्रेषित प्रकरणों को बैंकर्स या तो स्वीकृत कर वितरण की कार्यवाही करें या आपत्ति लगाकर वापस करें। अपने पास प्रकरण लंबित न रखें। बैंक शाखावार समीक्षा के दौरान बताया गया कि यूनियन बैंक में 258 प्रकरण प्रेषित किये गये थे, बैंक द्वारा केवल 52 प्रकरण स्वीकृत किये गये और 24 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया। इलाहाबाद बैंक में 92 प्रकरण प्रेषित किये गये थे। इनमें से केवल 8 प्रकरण स्वीकृत कर सात प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया। भारतीय स्टेट बैंक में 105 प्रकरण प्रेषित किये गये थे। बैंक द्वारा 34 प्रकरण स्वीकृत कर केवल 5 प्रकरणों में वितरण की कार्यवाही की गयी। पंजाब नेशनल बैंक में 34 प्रकरण प्रेषित किये गये थे। बैंक द्वारा 10 प्रकरण स्वीकृत कर दो प्रकरणों में वितरण की कार्यवाही की गयी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि यूकों बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, एचडीएफसी बैंक एवं इंडसइंड बैंक ने एक भी प्रकरण स्वीकृत एवं वितरित नहीं किया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने निर्देश दिये कि बैंकर्स क्रेडिट लिंकेज समूह को प्राथमिकता के आधार पर क्रेडिट दें ताकि स्वसहायता समूह अपनी गतिविधियां चालू रख सके। उन्होंने बैंक शाखावार समीक्षा के दौरान बताया कि इलाहाबाद बैंक ढेरा द्वारा 6 करोड़ के प्रकरण स्वीकृत कर केवल 50 लाख रूपये का ऋण वितरित किया गया है। भलुआ शाखा द्वारा 6.22 करोड़ रूपये के प्रकरण में से 1.16 करोड़ रूपये के प्रकरण स्वीकृत कर केवल 6 लाख रूपये के ऋण वितरित किये गये हैं।

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