रीवा

संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग से मिलता है अधिक उत्पादन – उप संचालक कृषि

रीवा : जिले भर में रबी फसलों की बोनी का कार्य तेजी से जारी है। फसलों में अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसान खाद का उपयोग कर रहे हैं। उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने किसान भाईयों से फसलों में खाद के संतुलित उपयोग की अपील की है। उन्होंने कहा है कि किसान भाईयों को फसल में संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग से अधिक उत्पादन मिलता है। मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा तथा फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों के अनुसार रासायनिक खाद का उपयोग करना चाहिए। फसलों के लिए 16 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिनमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश शामिल हैं। इन मुख्य पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा का उपयोग करना चाहिए। फसल में इन तत्वों की कम या अधिक मात्रा में उपयोग करने से पैदावार तथा भूमि की उपजाऊ शक्ति दोनों में बुरा असर पड़ता है।
उप संचालक ने कहा है कि गेंहू की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 120 किलोग्राम नाइट्रोजन, 6 किलोग्राम फास्फोरस तथा 40 किलोग्राम पोटैशियम की आवश्यकता होती है। इसी तरह चने के लिए 20 किलोग्राम नाइट्रोजन, 20 किलोग्राम फास्फोरस तथा 20 किलोग्राम पोटैशियम की प्रति हेक्टेयर आवश्यकता होती है। जिले के अधिकतर किसान नाइट्रोजन तथा फास्फोरस की अधिक मात्रा एवं पोटाश की बहुत कम मात्रा का उपयोग करते हैं। पोटाश 4 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उपयोग किया जा रहा है। यह तय मात्रा से बहुत कम है। पोटाश से पौधों को रोगों तथा कीट-व्याधियों से लड़ने की क्षमता मिलती है एवं दानों में चमक आती है।
उप संचालक ने कहा कि किसान बेहतर उत्पादन लेने के लिए एनपीके खाद का उपयोग करें। इससे फसलों को पोटैशियम की आवश्यक मात्रा प्राप्त होगी। डीएपी खाद से फसलों को केवल नाइट्रोजन तथा फास्फोरस पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। इसकी तुलना में एनपीके, यूरिया तथा सिंगल सुपर फास्फेट के उपयोग से कम लागत में फसलों को संतुलित खाद मिलती है, जिससे उत्पादन बेहतर होता है। किसान भाई गेंहू की फसल में नाइट्रोजन के स्थिरीकरण के लिए एजेक्टो बैक्टर दो किलोग्राम प्रति हेक्टेयर एवं चने में राइजोबियम कल्चर पांच सौ ग्राम प्रति हेक्टेयर का उपयोग कर सकते हैं। फसलों में फास्फोरस की घुलनशीलता बढ़ाने के लिए पीएसबी कल्चर पांच किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से बायोमास में बोने से पहले छिड़ककर उपयोग किया जा सकता है।

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