
अध्यापन को अनुसंधान का साथ जरुरी : डॉ. चासकर
ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग अॅन्ड रिसर्च महाविद्यालय में ड्रोन लॅब का उद्घाटन
पुणे : “प्रभावी शिक्षण के लिए शिक्षकों को शिक्षण में अनुसंधान और नवाचार को जोड़ना चाहिए। एकविसावे शतक की आधुनिक अध्यापन पद्धती, नवाचार को आत्मसात करे,” यह राय सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ के विज्ञान व तंत्रज्ञान विभाग के अधिष्ठाता डॉ. मनोहर चासकर ने दी.
ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग अॅन्ड रिसर्च महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. अभिजित औटी के पहल से इनोव्हेशन क्लब अंतर्गत बनाई गई ड्रोन लॅब व डिजिटल स्मार्टबोर्ड के उद्घाटन समारोह में वे बोल रहे थे. अभिनेत्री प्राजक्ता गायकवाड, शिवछत्रपती पुरस्कारप्राप्त खिलाडी शिल्पा चिल्लाळ, केजे शिक्षण संस्था के संस्थापक अध्यक्ष कल्याण जाधव, व्यवस्थापकीय संचालिका हर्षदा जाधव, कार्यकारी संचालक मेजर जनरल (नि.) समीर कल्ला, प्राचार्य डॉ. अभिजीत औटी आदी उपस्थित थे.
कल्याण जाधव ने कहा, “ड्रोन के माध्यम से छात्रों शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए काम करे. शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर देश का नाम ऊंचा करने के लिए प्रोफेसरों को शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नवीन उपकरणों का प्रयोग कर तकनीक के विकास और शोध को प्राथमिकता देनी चाहिए।”
ड्रोनास्त एनर्जी फ्लाईट ठाणे के सहकार्य से बनाई गई इस लॅब में राकेश कुमार व रोहन मुरली ने छात्रों को बेसिक ड्रोन असेम्बली, ड्रोन अॅप, खेती में स्प्रे करना, सर्व्हे करना, इंडस्ट्री में ड्रोन का होनेवाला उपयोग, ड्रोन के पार्ट, मेंन्टनस, ड्रोन के प्रकार आदी जानकारी दी. प्रा. गजानन आरसलवाड ने डिजिटल स्मार्ट बोर्ड का प्रात्यक्षिक दिया.
हर्षदा जाधव, समीर कल्ला ने मार्गदर्शन किया. ड्रोन लॅब का उद्देश्य व भविष्य में छात्रों के विकास में होनेवाला इसका उपयोग के बारे में डॉ. औटी ने बताया. विभागप्रमुख प्रा. प्रतिक आकरे, प्रा. महेंद्र हंडोरे, प्रा. वैभव शेलार, प्रा. गजानन आरसलवाड, प्रा.अमोल भोसले, प्रा. प्रमोद शिंदे, प्रा. शरद भोसले, प्रितम अनुसे, सिद्धार्थ खंडागळे, महेश संकपाळ, निलेश वाबळे ने कार्यक्रम के लिए परिश्रम किए.


