
विश्व शांति और स्थायी समाधान को बढावा देने
जी २० इंटरफेथ शिखर सम्मेलन ५ सितंबर से
विभिन्न देशों के १०० से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे
पुणे : एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, विश्वशांति केंद्र आलंदी, माइर्स एमआईटी, पुणे जी २० इंटरफेथ एलायंस फॉर सेफर कम्युनिटीज और यूएसए के जी २० इंटरफेथ फोरम द्वारा जी २० इंटरफेथ शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. यह सम्मेलन ५ से ७ सितंबर तक लोणी कालभोर स्थित दुनिया के सबसे बडे वर्ल्ड पीस डोम में आयोजित किया जाएगा. ऐसी जानकारी एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्याध्यक्ष राहुल वि. कराड ने संवाददाता सम्मेलन में दी.
इस मौके पर एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कुलपति डॉ. आर.एम.चिटणीस, प्र कुलपति डॉ.मिलिंद पांडे. यूएसए के डॉ. संजय कामतेकर तथा डॉ. मिलिंद पात्रे उपस्थित थे.
सम्मेलन के उद्घाटन में जी २० इंटरफेथ के अध्यक्ष डब्ल्यू कोल ड्यूराम ज्यू. सीईओ किंग हुसैन, प्रो. डॉ. कथरीना मार्शल, बही समुदाय के मार्जिया दलाल, बिशप फादर फेलिक्स मचाडो बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड कार्यक्रम की अध्यक्षता निभायेंगे. साथ ही प्रो. डॉ. अशोक जोशी उपस्थित रहेंगे.
राहुल कराड ने कहा, भारत में युवा, महिला,पर्यावरण जैसे मुद्दों पर जी २० सम्मेलन हुए हैं. इंटरफेथ काउंसिल हमारा संगठन है, इस सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन इंडोनेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका, ब्राजील, जर्मन, इटली, तुर्की और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के १०० से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे. इसके माध्यम से विश्व शांति, सर्वधर्म समभाव और सार्वभौमिक एकता का संदेश दुनिया को दिया जाएगा.
डॉ. आर.एम.चिटणीस ने कहा, कि इस कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक व्यक्ति और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और दुनिया में शांति लाने के लिए एक साथ आ रहे है. सम्मेलन ७ सितंबर को शाम ५ बजे संपन्न हुआ. विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी. इस अवसर पर केरल के राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे.
प्रो. डॉ. मिलिंद पांडे ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में कुल १५ सत्र होंगे. इनमें धर्म, दर्शन और प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, कमजोर समुदाय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, सामाजिक शांति और शांति निर्माण, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा के लिए वैश्विक दृष्टिकोण, स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों और कमजोर नागरिकों की सुरक्षा, पर्यावरण, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, मानव तस्करी, वैश्विक युवा शांति संवाद जैसे विषय शामिल है.
इन सत्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक जैसे विभिन्न विषयों पर १०० से अधिक विशेषज्ञ वक्ता संबोधित करेंगे. इसमें मुख्य रूप से अमेरिका से माइकल यंग, कैथरीना मार्शल, बानी दुग्गल, साध्वी भगवती सरस्वती, अड्रैग इटागोआ, पीटर योभा, पीटर पेटकॉफ, शामिल है. इसी प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर सिद्धार्थ काक, ए.के.मर्चेंट, सेवानिवृत्त न्यायाधीश रोशन दलवी, विशाखा कदम, शैलेंद्र शर्मा, डॉ. मोहम्मद गुलरेज, कर्नल बिनॉय कोशी, वसंत शिंदे, पल्लवी घोष, अजीत सिंह जैसे कई गणमान्य लोग अपने विचार रखने वाले है. साथ ही २ हजार से अधिक नागरिक भाग लेंगे.

