
रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार वर्मा
ऊर्जा मंत्री श्री ए०के० शर्मा ने पावर कारपोरेशन लि० और विद्युत वितरण निगमों के कार्यों की समीक्षा की
निर्वाध विद्युत आपूर्ति के सामने आ रही चुनौतियों से निपटना होगा
विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास किया जाए
सभी कार्मिक अपनी कार्य संस्कृति एवं चाल-चरित्र में बदलाव लाएं
पहले चोरी कराओ, बाद में कार्यवाही करो, यह प्रवृत्ति बंद हो
उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने के बजाय, तत्काल राहत पहुंचाने के हों प्रयास:-श्री ए०के० शर्मा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए०के०शर्मा ने कहा कि सभी विद्युत कार्मिक अपनी कार्य संस्कृति एवं चाल चरित्र में बदलाव लायें और उपभोक्ताओं की परेशानियों को तत्काल दूर करने का प्रयास करें। प्रदेश की विद्युत व्यवस्था में सुधार हेतु अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ कार्मिकों का अपने कार्यों के प्रति ईमानदार होना और समस्याओं को दूर करने के लिए त्वरित प्रयास हों, यह भी जरूरी है। उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने के बजाय, उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने का प्रयास करें। शिकायतों का त्वरित संज्ञान लें और गुणवत्तापूर्ण ढंग से इनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि विद्युत कार्मिकों की बदौलत प्रदेश की 28 हजार से अधिक मेगावाट की विद्युत मांग को भी सकुशल पूरा किया गया। विद्युत के क्षेत्र में जो कार्य गत 60 वर्षों में नहीं हो सका उसे विगत 5-6 वर्षों के भीतर ही पूरा किया गया।
ऊर्जा मंत्री श्री ए०के०शर्मा आज नगरीय निकाय निदेशालय में उ०प्र० पावर कारपोरेशन लि० और सभी विद्युत वितरण निगमों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विजनेस प्लान से संबंधित कार्यों, राजस्व वसूली, नगरीय निकायों के विस्तारित व नवसृजित क्षेत्रों में किये जा रहे विद्युत संबंधी कार्य, फीडरों की ट्रिपिंग में कमी लाने की रणनीति तथा विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिजली जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन गई है। सबकुछ बिजली पर निर्भर हो गया है। एक मिनट के लिए बिजली का जाना अब बर्दाश्त नहीं होता। बिजली न जाए इसके लिए व्यवस्था एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना होगा। आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर इस व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के गलत व अर्नगल बिलिंग को रोकना होगा। मिलीभगत करके बिलिंग में सुधार की जाने वाली कोशिशों एवं ऐसे गोरखधंधे को बंद करना होगा। खासतौर से ग्रामीण उपभोक्ताओं को ट्रस्ट बिलिंग करने के लिए बढ़ावा दें। उपभोक्ता स्वयं अपने मीटर की फोटो भेजकर बिलिंग बनवायें, ऐसे प्रयोग को बढ़ाएं। कनेक्शन डायरेक्ट या बाईपास करने के बजाय उपभोक्ता के खराब मीटर को समय पर बदलें। उन्होंने सख्त हिदायत दी की समझाने-बुझाने का अब समय नहीं रहा। अब गड़बड़ी पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। अधिशासी अभियन्ता, अवर अभियन्ता एवं सहायक अभियन्ता द्वारा अपने आदमियों, एजेन्सियों व दलालों के माध्यम से की जा रही वसूली स्वीकार्य नहीं।
श्री ए०के० शर्मा ने कहा कि बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए सभी ट्रांसफार्मर का समय पर मेन्टिनेंस किया जाए, इससे ट्रांसफार्मर की कार्यक्षमता बढ़ेगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टे में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टे में ट्रांसफार्मर बदलने की समयसीमा का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। उन्होंने जर्जर व लटकते हुए तारों व पोल को ठीक करने के साथ विपरीत परिस्थितियों में फ्यूज और जम्फर उड़ने की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लें। फीडरों की ट्रिपिंग को कम करने की रणनीति पर कार्य किया जाए। एक निश्चित समय पर ही शटडाउन लिया जाए, जिससे की उपभोक्ताओं को विद्युत कटौती का ज्यादा समाना करना न पड़े।
ऊर्जा मंत्री ने विद्युत विभाग को अपनी कमियों को तत्काल ठीक करने के साथ कार्मिकों को अपने कार्यों में सुधार करने को कहा। उन्होंने मुख्य अभियन्ता को अपने कार्यदायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन करने को कहा। मुख्य अभियन्ता अपने क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था की निगरानी और मॉनीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्ण सावधानी बरतने तथा अप्रशिक्षित लोगों को खतरनाक कार्यों से दूर रखें। ऐसी दुर्घटनाएं अब बर्दाश्त नहीं की जायेंगी। उन्होंने कहा कि विद्युत कनेक्शन देने की प्रक्रिया को और आसान बनया जाए तथा इसमें किसी भी प्रकार के दुरूपयोग की गुंजाइश न हो, ऐसी व्यवस्था बनायी जाए।
समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री डॉ० सोमेन्द्र तोमर, अपर मुख्य सचिव श्री महेश कुमार गुप्ता, चेयरमैन पावर कारपोरेशन श्री आशीष कुमार गोयल, प्रबन्ध निदेशक पावर कारपोरेशन श्री पंकज कुमार, प्रबंध निदेशक उत्पादन एवं पारेषण श्री पी. गुरू प्रसाद, सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता ने प्रतिभाग किया।



