इटावा

भूषण श्रीवास्तव, आशुलिपिक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण इटावा नि० तालाब के पास रामनगर जिला इटावा पर प्रेषित करते हुए आपके आवास पर दिनांक 20.09.2023 को चस्पा भी किया गया

भूषण श्रीवास्तव, आशुलिपिक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण इटावा नि० तालाब के पास रामनगर जिला इटावा पर प्रेषित करते हुए आपके आवास पर दिनांक 20.09.2023 को चस्पा भी किया गया

विशाल समाचार नेटवर्क टीम इटावा

इटावा यूपी:  परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण शरद कुमार श्रीवास्तव ने आशुलिपिक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, नि० तालाब के पास रामनगर, इटावा श्री चन्द्रभूषण श्रीवास्तव को सूचित करते हुए कहा कि आप दिनांक 16.08.2023 से कार्यालय से बिना कोई अवकाश स्वीकृत के बिना ही गायब/अनुपस्थित रहकर चल रहे हैं। आप द्वारा अनाधिकृत रूप से गायब रहकर शासकीय कार्याे को बाधित करते हुए अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का अनवरत रूप से कृत्य किया जा रहा है। डयूटी पर उपस्थित होने हेतु आपको 03 पत्र लिखे गये परन्तु कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं जिससे स्पष्ट है कि यह अपनी मनमानी, स्वेच्छाचारिता पूर्ण कार्यवाही करते हुए अनवरत अनुशासनहीनता का कृत्य कर रहे हैं जोकि सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 के विपरीत है। अन्तिम पत्र पत्रांक 538/डी0आर0-1/स्था० दिनांक 19.09.2023 आपको रजिस्टर्ड भेजे जाने के साथ ही स्थाई निवास के पता श्री चन्द्र भूषण श्रीवास्तव, आशुलिपिक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण इटावा नि० तालाब के पास रामनगर जिला इटावा पर प्रेषित करते हुए आपके आवास पर दिनांक 20.09.2023 को चस्पा भी किया गया जिसमें निर्देशित किया गया था कि 03 दिवस के अन्दर कार्यालय में उपस्थित हों अन्यथा आपके विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी। उक्त निर्देशों के उपरान्त भी आपके द्वारा कार्यालय में उपस्थित न होना आपकी मनमानी, स्वेच्छाचारिता पूर्ण कार्यशैली एवं अनवरत अनुशासनहीनता का कृत्य किया जाना पूर्णतया स्पष्ट करता है।
अतः उक्त सम्बन्ध में समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कर आपको अन्तिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देशित किया जाता है कि 03 दिवस के अन्दर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हुए कार्यालय में उपस्थित होकर अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें। यदि उक्त निर्धारित अवधि तक आप कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं तो मनमाने ढंग से कार्यालय से गायब/अनुपस्थित रहने, आवंटित शासकीय कार्याें को न करने स्वेच्छाचारित करने तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के कृत्य में आपके विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी और बाद में आपका कोई कथन मान्य नहीं होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button