
मिसेज यूनिवर्स डॉ.प्रचिती पुंडे प्रथम ‘यशकल्याणी राष्ट्रीय विज्ञान रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित
रिपोर्ट देवेन्द्र सिंह तोमर पुणे
पुणे: उर्जा का सही इस्तेमाल करते हुए रोग प्रबंधन और स्वास्थ्यपूर्ण जीवन जीने में समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए यशकल्याणी ग्रामीण सेवाभावी संस्था की ओर से ग्लैमोवेल संस्था की संस्थापक निदेशक तथा मिसेज यूनिवर्स डॉ. प्रचिती पुंडे को पहले ‘यशकल्याणी राष्ट्रीय विज्ञान रत्न पुरस्कार’ २०२३ से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह पुरस्कार पुणे में स्थित सी मेट के निदेशक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. भारत काले द्वारा प्रदान किया गया. पुरस्कार के रूप में प्रमाणपत्र, स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार दिया.
पुरस्कार समारोह वसंतराव दिवेकर स्मृति दिवस और यश कल्याणी परिवार की एक दशक लंबी यात्रा के अवसर पर आयोजित किया गया था. इस अवसर पर वरिष्ठ चिंतक एवं विज्ञान शोधकर्ता पद्मश्री अरविंद गुप्ता, भारतीय नौसेना के रियर एडमिरल रवीन्द्र नाडकर्णी, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.जी. कानडे, आइसर के वैज्ञानिक अनुसंधान प्रो. डॉ. अशोक रूपनेर, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वसंतराव पुंडे और शोधकर्ता डॉ. प्रवीण देशमुख बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे.
वैज्ञानिक अरविंद गुप्ता ने कहा, प्रकृति की हर चीज में खिलौने छिपे है. स्लैग, गीली घास तथा कचरा यह खिलौने बनाने के लिए कच्चे माल है. इनसे बने वैज्ञानिक खिलौने गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाएंगे और भविष्य के वैज्ञानिक बनाएंगे.
पुरस्कार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. प्रचिति पुंडे ने कहा, विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान शोधकर्ता पद्मश्री अरविंद गुप्ता और आइसर के विज्ञान शोधकर्ता प्रो. अशोक रूपनेर से सम्मानित होने पर मैं शब्दों से परे हूं. मै.भाग्यशाली हूं कि मुझे विज्ञान पुरस्कार मिला है. अप्रैल में उज्बेकिस्तान में और मई में स्विट्जरलैंड में होने वालै विज्ञान सम्मेलन में भाग लेने से पेपर प्रस्तुति का अवसर मिला है.
शैक्षिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए समर्पित डॉ. प्रचिति पुंडे ने विज्ञान के क्षेत्र में २५ से अधिक शोध पुस्तके लिखी हैं. वह अपने जीवन में चित्रकार, पत्रकार, कीर्तनकार, कलाकार, डॉक्टर, लेखक, गायिका, समाज सेवा, शोध, मिसेज इंडिया और मिसेज यूनिवर्स ऑस्ट्रेलिया, मिसेज यूनिवर्स वैलरेंस की ऊंचाईयों तक पहुंची. प्रोलेक्स वेलनेस एंड प्रोडक्शंस की स्थापना करके खुद को एक उद्मश्री के रूप में भी स्थापित किया. इन सभी क्षेत्रों में रहते हूए उन्होंने समाज सेवा की नीति कभी नहीं छोडी.
यशकल्याणी ग्रामीणसेवा भावी संस्था के अध्यक्ष प्रा. गणेश करे पाटील ने परिचय दिया और सचिव अमृत खरे पाटिल ने आभार माना.
फोटो ओळ
१: यशकल्याणी ग्रामीण सेवाभावी संस्था, पुणेतर्फे मिसेस युनिव्हर्स डॉ.प्रचिती पुंडे यांचा पहिल्या ‘यशकल्याणी राष्ट्रीय विज्ञान रत्न पुरस्कार’ प्रदान करण्यात आला. त्या प्रसंगी डावीकडून भारतीय नौसेनेचे रिअर अॅडमिरल रविंद्र नाडकर्णी, पद्मश्री अरिवंद गुप्ता, डॉ. प्रचिति पुंडे आणि श्रीमती सुनीता देवी
१: यशकल्याणी ग्रामीण सेवाभावी संस्था, पुणेतर्फे मिसेस युनिव्हर्स डॉ.प्रचिती पुंडे यांचा पहिल्या ‘यशकल्याणी राष्ट्रीय विज्ञान रत्न पुरस्कार’ प्रदान करण्यात आला. त्या प्रसंगी डावीकडून भारतीय नौसेनेचे रिअर अॅडमिरल रविंद्र नाडकर्णी, पद्मश्री अरिवंद गुप्ता, डॉ. प्रचिति पुंडे आणि श्रीमती सुनीता देवी
२: यशकल्याणी ग्रामीण सेवाभावी संस्था, पुणेतर्फे मिसेस युनिव्हर्स डॉ.प्रचिती पुंडे यांचा पहिल्या ‘यशकल्याणी राष्ट्रीय विज्ञान रत्न पुरस्कार’ प्रदान करण्यात आला. त्या प्रसंगी डावीकडून डॉ. भारत काळे, भारतीय नौसेनेचे रिअर अॅडमिरल रविंद्र नाडकर्णी, पद्मश्री अरिवंद गुप्ता, डॉ. प्रचिति पुंडे, श्रीमती सुनीता देवी, श्रीमती नाडकर्णी, डॉ. के.जी कानडे व गणेश खरे पाटील.


