पूणे

स्टार्टअप में ‘फेल फास्ट’ की अवधारणा को समझें पुष्कर गोखले के विचारः हैकएमआइटी-डब्ल्यूपीयू २०२४ का उद्घाटन

स्टार्टअप में ‘फेल फास्ट’ की अवधारणा को समझें
पुष्कर गोखले के विचारः हैकएमआइटी-डब्ल्यूपीयू २०२४ का उद्घाटन

विशाल समाचार संवाददाता पुणे: छात्रों को स्टार्टअप्स में सबसे महत्वपूर्ण फार्मूला ‘फेल फास्ट’ को समझना चाहिए और इससे जल्दी बाहर निकलना चाहिए. तभी स्टार्टअप्स में प्रगति की जा सकती है. उन्नत तकनीक के कारण युवाओं को अपने सपनों को साकार करने की दिशा मिल रही है. यह विचार गोदरेज एंड बॉयस एमएफजी कंपनी लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष और बिजनेस प्रमुख पुष्कर गोखले ने व्यक्त किए.
इनोवेशन, इन्क्यूबेशन और इनवेंशनकी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित हैकएमआईटी डब्ल्यूपीयू २०२४ का उद्घाटन विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया. इस मौके पर वह बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे.
महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक सिस्टम और संचालन विनोद अग्रवाल और कार्यकारी परामर्श नेता उमेश कौल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे. साथ ही एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कुलपति डॉ. आर.एम.चिटणीस, प्र कुलपति डॉ. मिलिंद पांडे, डॉ. कृष्णा वऱ्हाडे, डॉ. कृष्णा प्रसाद गुनाले एवं छात्र निल बाफना उपस्थित थे.
एमआईटी डब्ल्यूपीयू के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड के मार्गदर्शन और कार्यकारी अध्यक्ष राहुल कराड की अवधारणा पर यह कार्यक्रम आधारित है.
पुष्कर गोखले ने कहा, हैकेथॉन प्रतियोगिता कंपनियों में काफी बदलाव ला रही है. रील के वर्तमान युग में छात्रों को अपना समय बर्बाद करने से बचना चाहिए. आने वाली पीढ़ी उन्नत है और वे बदलते समय से प्रभावित हैं. इस बदलाव के कारण लोग अधिक स्मार्ट हो रहे है. स्टार्ट अप और इनोवेशन के लिए आज दुनिया भर की महत्वपूर्ण कंपनियों के सीईओ भारतीय मूल के है.
विनोद अग्रवाल ने कहा, पुणे जिसे ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट  के नाम से जाना जाता है, यहां ज्ञान की परंपरा है. छात्रों को चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़ना चाहिए. विचार सबसे महत्वपूर्ण होने के साथ कोई भी कार्य करते समय शोध करना चाहिए.
उमेश कौल ने कहा, देश के विभिन्न मंत्रालयों को कई विषयों पर समस्याओं का समाधान करना होता है. ऐसे में स्टार्टअप के लिए बड़ा अवसर है. आधुनिक युग में एमआई, सिस्टम ऑर्गेनाइजेशन, रोबोटिक, साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है. इसके लिए बस रचनात्मकता और उसे साकार करने की क्षमता की जरूरत है.
डॉ. आर.एम.चिटणीस ने कहा, हैकएमआईटी डब्ल्यूपीयू से नए उद्यमी तैयार होने से देश प्रगति करेगा. इससे रचनात्मकता सामने आएगी और छात्र अपना स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे. इस देश में नारायण मूर्ति, अजीम प्रेमजी ने समय के साथ अपने कदम बदले और अपने व्यवसाय को वैश्विक स्तर पर ले गए. छात्रों को इस विचार को अपनाना चाहिए और इसे साकार करना चाहिए.
डॉ. मिलिंद पांडे ने कहा, माइंड टू मार्केट और पेपर टू प्रोडक्ट की अवधारणा छात्रों में विकसित करना बहुत महत्वपूर्ण है. छात्रों के विचारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें उद्यमी बनाने के लिए उनकी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने की रणनीति को लागू करना एक सराहनीय प्रयास है. सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए हैकेथॉन का आयोजन किया गया है. यहां छात्रों को अपने विचारों को समझना होगा और उन्हें अपनाना होगा. इससे आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप इंडिया संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.
छात्र पीयूष मोटवानी एवं रिद्धि ने संचालन किया. डॉ. कृष्णा वर्‍हाडे ने सभी का आभार माना.

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