सीतामढ़ी

आपके घर के सामने से कुछ चोरी हो जाए तो इतना ताजुब ना करिए जब क्योंकि गाड़ियां तो अब थाने  से भी चोरी हो जा रही है

आपके घर के सामने से कुछ चोरी हो जाए तो इतना ताजुब ना करिए जब क्योंकि गाड़ियां तो अब थाने  से भी चोरी हो जा रही है

विशाल समाचार संवाददाता सीतामढ़ी

आपके घर के सामने से कुछ चोरी हो जाए तो इतना ताजुब ना करिए जब क्योंकि गाड़ियां तो अब थाने  से भी चोरी हो जा रही है मतलब आपको बताऊंगा कि किस तरीके से पहले से दारू बंदी वाले बिहार में एक दारू से भारी लग्जरी कर पकड़ी जाती है उसे थाना लाया जाता है और थाना लाने के बाद दो-तीन घंटे बाद जो है वह गाड़ी थाने से चोरी हो जाती है मतलब चाहे तो आसानी से अपने गाड़ी को चुरा के भाग सकते हैं और पुलिस वालों को जब तक खबर होगी शायद वह उनके हाथ से बहुत दूर निकल गए होंगे जब यह कहानी आपको बताऊंगा तो आपका भी माता घूम जाएगा कि जिस पुलिस के ऊपर आप इतना भरोसा करते हैं कि भाई साहब कुछ नहीं पुलिस संभालने की उसे फिलहाल अपना खाना नहीं संभाल जा रहा पूरी कहानी आप तक पहुंचाऊंगा लेकिन उससे पहले आपको बता दो की कहानी की शुरुआत होती है 2 फरवरी से जहां पर पुलिस को एक सूचना मिलती है कि भाई साहब पूर्वी इंदिरा नगर के पोद्दार राय मंदिर के पास एक कार्स में अवैध शराब होने की आशंका है तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए कंकड़बाग खानकी पर पहुंचती है गाड़ी का शीशा तोड़ती है और जब शीशा तोड़ के गेट खोलते हैं तो एकदम से अब बात रह जाती है क्योंकि वह लग्जरी कर जो थी उसमें दारू भरा हुआ था फिर क्या था पुलिस सारा दारू और गाड़ी जो है वह जाप कर लेती है और लेकर पहुंच जाती है कंकड़बाग थाने में कंकड़बाग थाने में गाड़ी पहुंचा दिया जाता है खड़ा कर दिया जाता है के ऊपर भी यह गाड़ी है उसके ऊपर फिर कर दिया जाता है और फिर क्या था रात की 9:00 बजे मतलब जिनके ऊपर जिनके नाम के ऊपर गाड़ी है उनका नाम है राहुल कुमार के साथ मिलाकर खाने से इस लग्जरी कर को चुरा के भाग जाते हैं मतलब इसमें ज्यादा परेशान होने वाली बात नहीं हैकी भाई साहब वह पूरे कंकड़बाग में क्राइम को कंट्रोल करें उसे खाने से जो है पुलिस आराम से सो रही होती है और उसे खाने से जो है राहुल कुमार अपने चंद्र दोस्तों के साथ आते हैं और कर लेकर चले जाते हैं पुलिस तो फिलहाल ऐसा ही बता रही है कि राहुल लेकर गए हैं लेकिन मजे की बात यह है कि पुलिस से एक और सवाल जो है वह बनता है कि अगर राहुल लेकर गए हैं तो आपने रोक क्यों नहीं था आपने इस बात के ऊपर चर्चा क्यों नहीं की की भाई साहब खाने से गाड़ी कैसे गायब हो गई अब सोचने वाली बात है और मजे की बात है कि थाने में गाड़ी खड़ी थी रात के 9:00 बजे जो है वह गाड़ी चुरा के अपना लेकर चला जाता है राहुल कुमार और यह जो कंकड़बाग थाने की पुलिस है वह देखती रह जाती है उसे पता भी नहीं चलता कि भाई साहब क्या हुआ जब सुबह पता चलता है कि भाई गाड़ी तो गायब है उसके बाद कुछ और दोस्तों के खिलाफ जो है उनको अभियुक्त बनाकर फिर कर दिया जाता है फिर पूर्वी इंदिरा नगर में राहुल कुमार के घर पर जो है वह छापे पड़ते हैं लेकिन वहां से वह फरार है लेकिन उनका कुछ आता पता नहीं है ।

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