पूणे

टाटा मोटर्स की जल संरक्षण पहल ने बदली संजय खोट और उनके गांव की तस्वीर

टाटा मोटर्स की जल संरक्षण पहल ने बदली संजय खोट और उनके गांव की तस्वीर

 

पुणे : महाराष्ट्र के तटीय गांव घोलवाड के किसान संजय खोट के लिए दशकों की कठिनाइयाँ अब एक नई उम्मीद में बदल गई हैं। चीकू, जो इस क्षेत्र की कृषि का मुख्य आधार है, उसे उगाना पानी की बढ़ती लवणता और कमी के कारण बेहद मुश्किल हो गया था। हर साल गर्मी के महीनों में संजय और अन्य किसान अनिश्चित भविष्य का सामना करते थे और सिंचाई के लिए महंगे और अनियमित पानी पर निर्भर रहना पड़ता था।

 

“पहले हमें पानी के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता था, जिससे हमारी फसलों को भारी नुकसान होता था,” संजय ने अपनी पुरानी परेशानियों को याद करते हुए कहा।

 

बदलाव की शुरूआत जल संरक्षण के लिये टाटा मोटर्स की अभिनव पहल से हुई। टाटा मोटर्स ने महाराष्‍ट्र सरकार के साथ मिलकर पालघर जिले में जलाशयों को नया जीवन देने का बीड़ा उठाया। घोलवाड गांव के तालाब की सफाई हुई और तलछट हटाई गई। ऐसा करने से तालाब की क्षमता लगभग 4 करोड़ लीटर हो गई और उस पर निर्भर समुदाय के भविष्‍य को नई आशा मिली।

 

संजय खोट को एक समय अपने बगीचे के लिये पर्याप्‍त जल पाने में संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब उन्‍हें पानी की स्‍थायी एवं विश्‍वसनीय आपूर्ति होती है। उन्‍होंने कहा, ‘’मेरा कुआं पूरी तरह से नहीं सूखा और साल में दूसरी बार हमारे चीकू के पेड़ों में फल लगे। मुझे एक और फसल चक्र के फलों का आनंद मिला। तालाब को नया जीवन मिलने से गांव के लिये पानी जुटाने में लगने वाला हमारा समय तथा पैसा कम हुआ है। तालाब बड़ा है और यह एक पर्यटन स्‍थल भी बन सकता है। इस तरह गांव के लोगों को अतिरिक्‍त आजीविका के अवसर मिलेंगे।‘’ लगातार ताजा पानी मिलने से उनके चीकू के बगीचे एक बार फिर से फल-फूल रहे हैं। इससे उनके परिवार के लिये स्‍थायी आमदनी सुनिश्चित हो रही है।

 

सामुदायिक समाधानों के महत्‍व पर जोर देते हुए, टाटा मोटर्स में सीएसआर के हेड विनोद कुलकर्णी ने कहा, ‘’जल सुरक्षा ग्रामी‍ण समृद्धि का आधार होती है। सरकार और नाम फाउंडेशन जैसे एनजीओ भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हुए, हम न केवल जलाशयों की बहाली कर रहे हैं, बल्कि सभी समुदायों को नया जीवन भी दे रहे हैं। हम संजय खोट जैसे किसानों के लिये स्‍थायी लाभ सुनिश्चित कर रहे हैं।‘’

 

कभी सूखा रहा तालाब अब ताजे पानी से लबालब है। उसका जलस्‍तर बेहतर हुआ है, जिससे चीकू के पेड़ भी फलित हो रहे हैं।

 

महाराष्‍ट्र सरकार ने हाल ही में घोलवाड ग्राम पंचायत को आर आर पाटिल ब्‍यूटिफुल विलेज अवार्ड स्‍कीम के तहत 10 लाख रूपये का पुरस्‍कार दिया था। घोलवाड गांव संवहनीय जल संसाधनों के साथ एक भविष्‍य की ओर बढ़ रहा है और संजय का सफर दिखाता है कि लक्षित मध्‍यस्‍थताएं किस तरह जीवन में बदलाव कर सकती हैं। इस प्रकार सीएसआर की जिम्‍मेदार एवं असरदार पहलों के माध्‍यम से समुदायों को सशक्‍त करने के लिये टाटा मोटर्स की प्रतिबद्धता मजबूत होती है।

 

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