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बाल श्रम से मुक्त कराकर 11 वर्षीय अमन कुमार का विद्यालय में नामांकन, शिक्षा की मुख्यधारा से जोडा गया।

बाल श्रम से मुक्त कराकर 11 वर्षीय अमन कुमार का विद्यालय में नामांकन, शिक्षा की मुख्यधारा से जोडा गया।

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:औरैया उत्तर प्रदेश

औरैया / जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देशन में बाल श्रम उन्मूलन एवं समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बाल श्रम में संलिप्त 11 वर्षीय बालक अमन कुमार पुत्र स्वर्गीय अरविन्द कुमार, निवासी ग्राम मिश्रीपुर ऊँचा, जनपद औरैया, को बाल श्रम से मुक्त कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोडा गया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा बालक अमन कुमार का तत्काल प्राथमिक विद्यालय गपकापुर, विकासखण्ड भाग्यनगर में कक्षा 5 में नामांकन कराया गया। साथ ही निर्देश दिये कि छात्र अमन कुमार की गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं जाये और छात्र को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं के अंतर्गत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन-पेंसिल, विद्यालयी ड्रेस, आदि उपलब्ध कराए गए, ताकि उसकी शिक्षा में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। इसके अतिरिक्त विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया गया कि बालक की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति एवं समुचित मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बालक का शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है तथा किसी भी परिस्थिति में बच्चों से श्रम कराना न केवल उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग अथवा प्रशासन को दें, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर शिक्षा एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग जनपद में विद्यालय से बाहर रहने वाले तथा बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालयों में नामांकित कराने के लिए निरंतर अभियान चला रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी बच्चों को सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जा सके।

अमन कुमार का विद्यालय में नामांकन जनपद में बाल श्रम उन्मूलन और शिक्षा के सार्वभौमिक अधिकार को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है, जो समाज के अन्य लोगों को भी बच्चों के हित में आगे आने के लिए प्रेरित करेगा। उक्त के अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा परिवार के भरण पोषण हेतु जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिये कि नियम के अनुसार राशन कार्ड बनवाते हुए राशन की आपूर्ति कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी द्वारा जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिये गये कि छात्र अमन कुमार की मां से आवश्यक प्रपत्र आदि प्राप्त करते हुए विधवा पेंशन दिलाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी द्वारा सम्पर्क नम्बर पूछे जाने पर छात्र द्वारा अवगत कराया गया कि उनके पास कोई भी मोबाइल नहीं है। जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल नया मोबाइल उपलब्ध कराया जाये और छात्र का मोबाइल नम्बर अपने मोबाइल में अंकित किया।

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