पूणे

नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के इमर्जन्सी विभाग को एनएबीएच प्रमाणपत्र

नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के इमर्जन्सी विभाग को एनएबीएच प्रमाणपत्र

जेसीआय ॲक्रिडेशन के बाद और एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव

 

पुणे, : नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के इमर्जन्सी विभाग को एनएबीएच प्रमाणपत्र मिला है. यह गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रक्रियाओं के कठोर मूल्यांकन के बाद सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता की आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने की क्षमता के लिए प्रदान किया जाता है. साथ ही में पुणे और भारत से इस प्रकार का प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुके चुनिंदा अस्पताल की सूची में नोबल हॉस्पिटल का समावेश हुआ है. नोबल हॉस्पिटल की व्यवस्थापन ने बधाई देते हुए मिले इस प्रमाणपत्र को इमर्जन्सी विभाग की टीम के हाथों सौंप दिया.

 

नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के ईमर्जन्सी ॲन्ड ट्रॉमा विभाग के प्रमुख डॉ. प्रथमेश राऊत ने कहा की, हमारे विभाग के कामकाज का तरीका बिलकुल संरचित तरीकेसे तैयार किया जाता है .इस प्रमाणपत्र के अंतर्गत आपातकालीन या गंभीर स्थिति में होने वाले मरीजों के करीबी लोगों का फोन आने की समय से इलाज तक सभी प्रक्रियांओ को और साथ में कर्मचारियों के लिए संपूर्ण गुणवत्ता मानक लागू होते है.मरीजों का फोन आने से, ॲम्ब्युलन्स में इलाज शुरू करने से, अस्पताल में आने तक सभी प्रणालियों को सुसज्जित करने तक हर प्रक्रिया रचनात्मक तरीके से की जाती है .इसके अलावा इमरजेंसी विभाग में वेटिंग टाइम कम से कम समय रहे और मरीज को जल्द से जल्द योग्य सुविधा दी जाए यह सुनिश्चित किया जाता है.

 

उन्होंने आगे कहा कि ,प्रमाण कार्यपद्धती (स्टँडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स) कार्यरत होने के कारण कोई भी कदम गलत नहीं होता और हर मरीज को समान गुणवत्ता के इलाज मिलते है. पिछले साल प्राप्त हुए जेसीआय गोल्ड सील की वजह से सभी एसओपी पहले से अस्तित्व में थी और इस वजह से भी हम लगातार सुधार करते रहते है.

 

उन्होंने आगे कहा की, हमारे पास नयी और अभी मौजूद कर्मचारियों के लिए वार्षिक इंडक्शन प्रोग्राम होता है. नए शामिल हुए कर्मचारियों को सब प्रक्रिया समजने के लिए एक हफ्ते का प्रोबेशन इंडक्शन कालावधी भी होता है.

 

एनएबीएच यह भारत के मरीजों के लिए एक प्रमुख गुणवत्ता मान्यता मंडल है, जो आरोग्य सुविधा के लिए मानक निश्चित करता है. यह मानक आंतरराष्ट्रीय तरीकों पर आधारित है जिसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता का उपचार और मरीज की सुरक्षा को प्रोत्साहन देना है. ईमर्जन्सी विभाग के लिए एनएबीएच प्रमाणपत्र दो सालों के लिए दिया जाता है.

 

नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के संचालक डॉ.दिविज माने ने कहा की, यह प्रमाणपत्र इमर्जन्सी विभाग में दखल हुए मरीजों के लिए वैश्विक गुणवत्ता का इलाज और सुरक्षा दर्शाती है. पिछले साल हमें जेसीआय प्रमाणपत्र मिला था, जो वैश्विक स्तर पर सर्वोच्च गुणवत्ता का प्रमाण पत्र माना जाता है.अभी मिले एनएबीएच प्रमाणपत्र से मरीजों के फायदे के लिए गुणवत्ता और सुरक्षितता में लगातार सुधार करने की हमारी प्रयत्नों को मजबूती मिल चुकी है.

 

नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के कार्यकारी संचालक डॉ.दिलीप माने ने ईमर्जन्सी विभाग के पूरी टीम की स्तुति की. उन्होंने कहा की, हमारे सफर में यह प्रमाणपत्र एक और महत्त्वपूर्ण पड़ाव है जिससे मरीजों को वैश्विक गुणवत्ता की सेवा देने के हमारे ध्येय को और मजबूती मिलेगी .

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